अनाज मंडी में बिना पंखा लगाए धान नहीं खरीदने का मामला वीरवार को पूरी तरह तूल पकड़ गया। धान खरीद नहीं होने के विरोध में जिलेभर के सैकड़ों किसानों ने बीच सड़क पर ट्रैक्टर खड़ा करके 40 मिनट तक हाईवे जाम रखा।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ और कडे़ लहजे में कहा कि बिना पंखा लगाए धान की खरीद नहीं होगी। मंडी में धान पर पंखा लगाने से रोकने वाले श्रमिकों और आढ़तियों पर कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
मजदूरों की ओर से भी पंखा नहीं लगाने की जिद पर मामला भारी पड़ गया है। अब श्रमिकों को धान के सीजन में मात्र पंखा लगाने से होने वाली हजारों रुपये की कमाई का नुकसान झेलना होगा। श्रमिकों ने पंखा नहीं लगाने के साथ वीरवार को मंडी में होने वाला पूरा काम छोड़ हड़ताल कर दी।
ऐसे हालात में पिछले कई दिनों से परेशान बैठे किसानों के सब्र का बांध टूट गया। सैकड़ों किसानों ने मौके पर पहुंचकर नई अनाज मंडी के बाहर दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाले हाईवे पर करीब साढे़ 12 बजे जाम लगा दिया। लगभग 40 मिनट तक जाम लगा रहा।
हाईवे पर वाहनों की करीब दस किलोमीटर लंबी कतार लग गई। जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। सूचना होने पर एसडीएम मुकुल कु मार, तहसीलदार हरिओम अत्री और डीएसपी सुनील कुमार भारी पुलिस बल के साथ हाईवे पर पहुंचे। इन लोगोें ने किसानों को मामला निपटाने का आश्वासन देकर किसी तरह जाम खुलवाया।
कई दिनों से गहराया था विवाद
पिछले कई दिनों से करनाल अनाज मंडी में धान पर पंखा नहीं लगाने का मामला आढ़तियों और राइस मिलर्स के बीच गहराया हुआ था। बुधवार को आढ़ती एसोसिएशन की ओर से मामले से पल्ला झाड़ लेने के बाद मामला पूरी तरह श्रमिकों के सिर पर जा पड़ा था। श्रमिकों ने साफ कह दिया था कि वे लोग पंखा नहीं लगाएंगे। दूसरी ओर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने भी साफ शब्दों में कहा था कि वे भी सरकार के नॉमर्स के मुताबिक पंखा लगाए बिना धान नहीं खरीदेंगे। चाहे पूरा सीजन खाली बैठना पडे़।
जाम खुला तो आई सांस में सांस
हाईवे पर जाम खुलने के बाद किसी तरह अधिकारियों को सुकून मिला। बाद में किसान मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। एसडीएम और तहसीलदार के समक्ष किसानों, आढ़तियों और मजदूरों ने अपने पक्ष रखे। श्रमिकों का प्रतिनिधित्व कर रहे भारतीय मजदूर संघ के राज्य अध्यक्ष जंग बहादुर यादव ने साफ कहा कि मंडी में पंखा लगाने के कारण उड़ने वाली डस्ट से श्रमिक बीमार हो रहे हैं।
कई हजार श्रमिक काम छोड़ चुके है। उन लोगों की सामाजिक सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। पंखा लगाने के एवज में इतना पैसा नहीं मिलता कि वे लोग बीमारी का इलाज करवा सके। वे लोग किसी हाल में पंखा नहीं लगाएंगे, चाहे जो हो जाए। मंडी का अन्य काम जो है, करेंगे।
किसानों ने साफ कहा कि वे लोग अपने खेत से ही धान साफ कर लाएंगे तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। चाहे लोग मंडी में ही अपनी धान पर पंखा स्वयं लगाए या फिर निजी मजदूरों से लगवाए। यह भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए। किसान अपना धान साफ कर देंगे।
जो किसान धान साफ कर नहीं देगा, वह अपना धान वापस ले जाएगा। उसका धान खरीदने पर कोई पाबंदी नहीं होगी। उधर, आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश चौधरी ने कहा कि आढ़ति एसोसिएशन ने श्रमिकों और आढ़तियों को बीमारी से बचाने और पर्यावरण के संरक्षण के मद्देनजर सर्कुलर जारी किया था लेकिन पूरा मामला श्रमिकों और राइस मिलर्स के बीच आ गया था।
इसलिए वे मामले से बाहर हो गए थे। वे लोग मंडी में किसी तरह का विवाद नहीं चाहते। कुछ लोगों की मंशा अच्छी नहीं है। ऐसे लोग आपस में भड़का देते है।
पक्ष जानते ही एसडीएम को मिला मौका
तीनों पक्ष जानते ही एसडीएम ने भी अपनी बात प्रभावी ढंग से कहने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एसडीएम ने कहा कि किसान को अपना धान साफ सुथरा लाना होगा। सरकार के नॉमर्स के मुताबिक धान होगा तो खरीदा जाएगा। अन्यथा किसान को धान वापस ले जाना होगा।
किसान की मर्जी होगी कि वह धान को मंडी में साफ कराए या फिर अपने खेत से साफ करके लाए। मंडी में किसानों और उनके लोगों को धान पर पंखा चलाने से रोका तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंडी में पुलिस तैनात कर दी गई है। उधर, एसडीएम ने राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी कहा कि वे साफ ढेरी को खरीद लें और खराब ढेरी है तो पंखा लगवा लें।
घरौंडा मंडी का अनुसरण करे
आइएसी के प्रतिनिधि जेपी शेखपुरा ने कहा कि पंखा नहीं लगाया जाना चाहिए। ऐसा करने से सुप्रीम कोर्ट के प्रदूषण संबंधी आदेश की उल्लंघना होती है। घरौंडा की मंडी में पंखा नहीं लगाया जाता है। घरौंडा की मंडी का अनुसरण करना चाहिए। मजदूरों को भी दबाया नहीं जाना चाहिए।
तमाम पक्षों ने किया श्रमिकों का नुकसान
श्रमिक पहले ही अधिकारियों और आढ़तियों के सामने पूरा मामला रख चुका है। इस पूरे मामले में श्रमिक का नुकसान किया जा रहा है। हर पक्ष अपना पक्ष रख अधिकारियों के सामने सीधा खड़ा हो गया है।
कुछ भी हो, श्रमिक इतना कमजोर कतई नहीं है। वह आज भी अपनी बात पर कायम है। श्रमिक पंखा नहीं लगाएंगे। पंखा लगाने के एवज में मेहनताना अच्छा दिया गया तो विचार किया जा सकता है।
जंग बहादुर यादव, राज्य अध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ
विवाद नहीं चाहते, नॉमर्स पर हो काम
वे लोग पहले भी कह चुके हैं कि उनका मकसद कोई विवाद खड़ा करना नहीं है। वह केवल सरकार के नॉमर्स के मुताबिक धान खरीदने की बात कर रहे हे। सरकार के नॉमर्स पूरे होते है तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। कोई विवाद किसी से उन लोगों का नहीं है।
विजय टक्कर, अध्यक्ष, राइस मिलर्स एसोसिएशन, करनाल