गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है। इससे शरीर में आयरन की जरूरत सामान्य से कहीं अधिक हो जाती है। कमी होने पर गर्भस्थ शिशु के विकास पर गंभीर असर पड़ सकता है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. वैशाली ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में सबसे अधिक आयरन की कमी पाई जाती हैं। गर्भवती महिलाओं को चौथे माह से ही आयरन वाली चीजों का सेवना बढ़ा देना चाहिए, ताकि शरीर में खून का संतुलन बना रहे। खून की कमी कई प्रकार की गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है। नियमित आयरनयुक्त आहार जैसे पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, अनार, सेब, दाल, अंकुरित अनाज, खजूर और किशमिश का सेवन करें। चिकित्सक की सलाह पर आयरन की गोलियां खाएं।
ध्यान रखें : चाय और कॉफी का सेवन भोजन के तुरंत बाद न करें, क्योंकि इससे आयरन का अवशोषण कम हो जाता है। समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जांच जरूर करवाएं। खून की कमी को पूरा करने के लिए आयरनयुक्त आहार का भरपूर लें। प्रसव के बाद छह माह तक ऐसा करना जरूरी है।
गर्भावस्था में महिलाओं को अपने आहार के प्रति अधिक सजग रहना चाहिए। नियमित जांच करानी चाहिए। खून की या खून में आयरन की कमी पर चिकित्सक की सलाह से भोजन और गोलियों का सेवन करना चाहिए। -डाॅ. वैशाली, स्त्री रोग विशेषज्ञ