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Karnal News: हर्ष-बीरबल एनकाउंटर मामले की 21 दिन बाद जांच शुरू, एसआईटी ने जुटाए साक्ष्य

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करनाल। हर्ष और बीरबल एनकाउंटर मामले की जांच अब स्टेट क्राइम ब्रांच की विशेष टीम यानी एसआईटी ने शुरू कर दी है। मुठभेड़ के 21वें दिन एसआईटी ने वीरवार को एनकाउंटर स्थल का मौका मुआयना किया और घटनास्थल से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की। टीम ने मौके पर मौजूद भौतिक साक्ष्यों, गोलियों के निशान, झाड़ियों और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया।
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जांच के दौरान एसआईटी ने यह जानने का प्रयास किया कि एनकाउंटर के दौरान पुलिस और युवकों की स्थिति क्या थी और घटनास्थल पर गोलीबारी किस दिशा से हुई होगी। टीम ने गोलियों के निशान और आसपास के स्थानों का भी निरीक्षण किया।
मामले की जांच एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर संजय कुमार की अध्यक्षता में गठित एसआईटी कर रही है। एसआईटी में स्टेट क्राइम ब्रांच गुरुग्राम के आईपीएस राजेश कुमार, डीएसपी पंचकूला रजनीश कुमार, इंस्पेक्टर शिव चरण, एएसआई विनेश और विजय को शामिल किया गया है। स्टेट क्राइम ब्रांच हरियाणा से पहुंचे इंस्पेक्टर शिव चरण ने बताया कि टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। जांच के दौरान मौके से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।
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रोड़ समाज के प्रधान बोले- सिटिंग जज से हो जांच
दूसरी ओर हर्ष और बीरबल एनकाउंटर मामले को लेकर रोड़ समाज अब भी हाईकोर्ट के सिटिंग जज या सीबीआई से जांच करवाने की मांग पर कायम है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए न्यायिक जांच जरूरी है। इसी मांग को लेकर समाज का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुका है।
एक सितंबर तक का अल्टीमेटम
बुधवार को रोड़ भवन में 101 सदस्यों की कमेटी की बैठक में सरकार को एक सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया था। प्रधान बलकार सिंह ने बताया कि समाज लगातार तीन प्रमुख मांगें उठा रहा है। पहली मांग है कि हर्ष एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई या किसी मौजूदा न्यायाधीश से करवाई जाए। दूसरी मांग है कि एनकाउंटर में जिस भी अधिकारी की ओर से लापरवाही या कोताही बरती गई है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। तीसरी मांग है कि विधायक जगमोहन आनंद अपने कथनों और बयानों को लेकर समाज से माफी मांगें। बीरू वाल्मीकि की हत्या 5 अगस्त की रात हांसी रोड पर हुई थी। दो बदमाशों ने बीरू को गोली मारी थी। अगले दिन समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया, उसी रात पुलिस मुठभेड़ के बाद हर्ष और बीरबल की मौत हो गई। इस एनकाउंटर का रोड़ समाज ने विरोध किया और सरकार से जांच की मांग की। 18 अगस्त को सरकार ने मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपी थी।

अब तक एक आरोपी गिरफ्तार, छह गिरफ्त से बाहर
करनाल। बीरू की हत्या के मामले में थाना शहर पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर शूटर समाना वंश समेत सात आरोपियों को नामजद किया था। वारदात के 22 दिन बाद भी पुलिस योगेश कपूर के अलावा अन्य छह आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। इस हत्याकांड में वंश उर्फ शूटर समाना बाहु, योगेश कपूर नीलोखेड़ी, कुनाल पाल बालाजी कॉलोनी निवासी, निन्जा रंबा और नैंसी जाटनी कुरुक्षेत्र ने मिलकर साजिश रची। ये सभी एक महीने से फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी देते थे। हत्या के लिए एक महीना पहले फूसगढ़ निवासी संजय और कर्ण विहार निवासी जैल रोड ने साजिश के तहत एक लड़के को हथियार उपलब्ध करवाया गया।
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