करनाल। शहर की सबसे पॉश कॉलोनियों में शुमार अल्फा इंटरनेशनल सिटी का नाम भले ही शहर और आधुनिक सुविधाओं की तस्वीर पेश करता हो लेकिन यहां की जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां कर रही है। कहीं सड़क धंस रही है, कहीं बारिश का पानी जमा है तो कहीं गंदगी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
सुविधाओं के नाम पर बस नाम ही इंटरनेशनल है, जबकि बुनियादी व्यवस्थाओं के लिए भी कॉलोनी के लोग परेशान हैं। करीब 1250 घरों में रहने वाले चार हजार से अधिक लोग रोजाना इन समस्याओं से परेशान हो रहे हैं।
कॉलोनी की कई सड़कों की हालत ऐसी है कि अलग-अलग स्थानों पर सड़क की सतह नीचे धंसती जा रही है। कहीं सड़क के बीच हिस्सा बैठ गया है तो कहीं किनारों पर टूट-फूट दिखाई दे रही है। बारिश होने के बाद स्थिति और खराब हो जाती है। जिन रास्तों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और वाहनों से गुजरते हैं, वहां जलभराव होने से आवाजाही प्रभावित होती है।
कॉलोनी निवासी राजीव का कहना है कि कॉलोनी में मकान और आसपास का क्षेत्र भले ही बाहर से भव्य नजर आता हो लेकिन बुनियादी सुविधाओं के मामले में लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। सड़कें धंसने और जलभराव की समस्या किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है। अलग-अलग हिस्सों में सड़क की स्थिति खराब होने से वाहन चालकों को भी परेशानी होती है।
गंदगी ने बढ़ाई परेशानी
सफाई व्यवस्था को लेकर भी निवासी नाराज हैं। कॉलोनी में जगह-जगह गंदगी दिखाई देने से लोगों का कहना है कि पॉश कॉलोनी होने के बावजूद उन्हें सामान्य सुविधाओं के लिए भी शिकायत करनी पड़ रही है। लोगों का सवाल है कि यदि इतनी बड़ी कॉलोनी में रहने वाले हजारों लोग नियमित रूप से अपनी सुविधाओं का खर्च वहन कर रहे हैं तो फिर साफ-सफाई और सड़क जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं दुरुस्त क्यों नहीं हैं।
नाम बड़ा, सुविधाएं छोटी
कॉलोनी निवासी अमरदीप, रोहिताश ने कहा कि अल्फा इंटरनेशनल सिटी को शहर की बेहतर और आधुनिक कॉलोनियों में गिना जाता है। यहां रहने वाले लोगों ने भी इसी उम्मीद के साथ अपने घर खरीदे थे कि उन्हें बेहतर सड़क, सफाई, जलनिकासी और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन वर्तमान स्थिति देखकर कई बार ऐसा लगता है कि सामान्य कॉलोनियों से भी बेहतर सुविधाएं यहां उपलब्ध नहीं हैं।
वहीं, अल्फा सिटी के निवासी कल्याण संघ का कहना है कि सड़क धंसने, पानी जमा होने और गंदगी जैसी समस्याएं केवल असुविधा नहीं हैं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं। इसके अलावा सामुदायिक केंद्र को भी एक निजी होटल को दिया हुआ है। पूरी कॉलोनी की पथ प्रकाश व्यवस्था भी खराब है। बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी होती है। लोगों ने संबंधित जिम्मेदार एजेंसियों से कॉलोनी की सड़कों की स्थिति की जांच कराने, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
इनका है कहना -
कॉलोनी के निवासी कल्याण संघ के प्रधान प्रभजोत सिद्धू का कहना है कि बिल्डर ने पूरी कॉलोनी के निवासियों को सुविधाओं के नाम पर परेशानियां दे रखीं हैं। बारिश के दौरान यहां झील बन जाती है। कॉलोनी निवासी इसे कर्ण झील 2 के नाम से भी बुलाते हैं। सीवरेज का पानी भी बिल्डर खुले में डाल रहा है। इसकी शिकायत भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी हुई है।
जो भी समस्याएं हैं, उनके समाधान के लिए बिल्डर व अधिकारियों से बातचीत करके समाधान कराएंगे। फिलहाल बिजली व्यवस्था अस्थायी रूप से करा दी गई है। - डॉ. आनंद शर्मा, डीसी