- प्रेस की जगह पर हैं करीब 1200 कमरे, भवन और मैदान,
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/नीलोखेड़ी। वर्षों पूर्व भारत सरकार के बंद हो चुके मुद्रणालय की जगह को अब प्रदेश सरकार हाउसिंग योजना में इस्तेमाल कर सकती है। नीलोखेड़ी में स्थित इस 36 एकड़ जगह को प्रदेश सरकार को हस्तांतरित किया जाएगा। फिलहाल एचएसवीपी को इसे देने की योजना है। हालांकि अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन यह तय हो गया है कि इस जगह को प्रदेश सरकार को हस्तांतरित करके जनता के हित में यहां परियोजना शुरू की जाएगी।
शुक्रवार को केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने मुद्रणालय की जगह का दौरा किया। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों और विधायक भगवानदास कबीरपंथी के साथ उन्होंने चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों की जगह की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके देने के निर्देश दिए। विदित हो कि 36 एकड़ जगह में करीब चार एकड़ के हिस्से पर मुद्रणालय का भवन बना है, शेष जगह खाली है। इसके अलावा 1200 के करीब क्वार्टर बने हुए हैं। प्रेस बंद होने के बाद से ये भी खाली है। अधिकारियों की ओर से मौके पर दी गई जानकारी के अनुसार, कमरे अभी ठीक स्थिति में हैं। केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्र में चार जगहों में बंटी इस 36 एकड़ जगह का विस्तृत नक्शा भी तैयार करने के निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री के पहुंचने पर विधायक के अलावा नगर पालिका अध्यक्ष सनमीत आहुजा ने उनका स्वागत किया। ब्यूरो
कभी थे एक हजार कर्मचारी, 2019 से बंद है प्रेस
विधायक ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि दो दशक पूर्व इस मुद्रणालय में करीब एक हजार कर्मचारी काम करते थे। लेकिन किसी कारण भर्ती न होने से कर्मचारी सेवानिवृत होते चले गए और मुद्रणालय के बंद होने से कुछ दर्जन कर्मचारी ही शेष बचे थे। जिन्हे यहां से स्थानांतरित कर दिया गया। एसडीएम अशोक कुमार ने मुद्रणालय भवन और कॉलोनी के साथ-साथ संबंधित विभाग के भौगोलिक स्थिति के बारे में जानकारी दी। 2019 में केंद्र सरकार द्वारा अचानक मुद्रणालय बंद कर देने से मशीनरी को अन्य स्थान पर ले गए और शेष भवन लगातार खंडर होता ज रहा है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि अधिकारियों से समीक्षा के दौरान सामने आया था कि नीलोखेड़ी में केंद्र सरकार की जगह पड़ी है। यह जगह शहरी विकास मंत्रालय के अधीन आती है। जिसके चलते इस स्थान का सदुपयोग करके लोगों को इसका लाभ पहुंचाने की सोच लेकर निरीक्षण करने आया हूं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर वे प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार के समक्ष रखेंगे। ताकि इस स्थान के उचित प्रयोग के लिए योजना बने।