शहर के लाइन पार क्षेत्र कृष्णा नगर निवासी राजेंद्र वधवा की कारीगरी भी गजब है। उसने आठ एमएम का चरखा बना कर लोगों को हैरान कर दिया है।
वहीं सूई के सुराख के अंदर से गुजरे छोटे आकार की पतंग भी बनाई है। पतंग का आकार इतना छोटा है कि माचिस की डिब्बी में एक हजार से अधिक पतंग आ सकती है।
अपनी कारीगरी की दिवानगी में वह इस कद्र खो गए कि पतंग में अपनी पत्नी के सिर के बाल से तलामे और कन्ने डालने साथ डोर तक बना दी।
इतना ही नहीं राजेंद्र वधवा ने नरेंद्र मोदी को सलाम करने का मौका भी नहीं छोड़ा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी की विक्टरी निशान वाला छोटे खिलौने पर विजय रथ बना दिया है। विजय रथ पर मोदी के पांच फोटो लगाए गए हैं। चारों ओर भाजपा के कमल लगाए गए है।
यह रथ रिमोट से चलाया जा सकता है। राजेंद्र वधवा पेशेवर कारीगर नहीं हैं लेकिन उसमें कारीगरी दिखाने का विशेष जज्बा है। वह शहर के चार चमन क्षेत्र में गिफ्ट शॉप चलाते हैं। उन्होंने आठ एमएम का चरखा बनाया है। इस चरखे में सूत कातने तक की तकनीक दिखाई गई है।
वधवा के अनुसार इससे पूर्व भिवानी में एक अन्य कारीगर 11 एमएम का चरखा बना चुका है। अब उन्होंने आठ एमएम का चरखा बनाकर नया रिकॉर्ड बनाया है।
चरखा बनाने में कार्ड बोर्ड, धागा, आलपिन और फेविकोल का प्रयोग किया गया है। कारीगर वधवा इससे पूर्व बोतल में चारपाई, ताजमहल बनाने के अलावा 11 चावल के दानों पर इंडिया क्रिकेट की टीम के खिलाड़ियों के नाम लिख चुके है। एक पोस्टकार्ड पर मेरा भारत महान 35 हजार बार लिख चुके हैं।
अंगुली के नाखून से भी छोटे आकार में रामायण का गुटका लिख चुके है। इसमें रामायण की पूरी 108 चौपाई विराजमान है। ऐसे ही हनुमान चालीसा और शिव चालीसा भी लिख चुके है।
पेरिस के प्रसिद्ध एफिल टावर का प्रारूप भी अपनी कला के माध्यम से मात्र 13 इंच में समेट चुका है। इसके लिए धागे के बेस (आधार) पर बैलेंस रोक कर 250 टूथ पिक के साथ बना चुके हैं।