जिले में गेहूं गोदामों की जांच शुरू हो गई है। डीसी के नेतृत्व में हुई
मीटिंग में दस टीमों का गठन कर दिया गया है, जो जिलेभर के स्टॉक की चेकिंग
करके जांच की फाइनल रिपोर्ट 20 नवंबर को पेश करेगी। चेकिंग टीम हर पहलू पर
गेहूं की चेकिंग करेगी। यदि जांच टीम ने निष्पक्षता से चेकिंग की तो करनाल
से गेहूं में बड़ी हेराफेरी मिल सकती है, क्योंकि करनाल व जुंडला के
गोदामों से गेहूं चोरी व हेराफेरी करने के आरोप में तत्कालीन डीएफएससी व
विभाग के इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज है।
इस मामले की जांच एसआईटी कर रही
है। इसके अलावा, तरावड़ी के गोदाम से दो ट्रक गेहूं के चोरी करके बाहर
बेचते हुए पकड़े गए थे। इसके लिए अन्य गोदामों में भी गेहूं स्टॉक से कम
है। इसलिए जिले में गेहूं गोदामों में गड़बड़ की आशंका बनी है और इसको
छिपाने के लिए संबंधित अधिकारी व कर्मचारी जोड़तोड़ में लग गए हैं। अब जांच
से अधिकारियों के पसीने छूटे हैं। कुरुक्षेत्र के ईस्माइलाबाद में गड़बड़ी
पकड़े जाने पर गेहूं गोदामों में गड़बड़ रोकने के लिए प्रशासन ने चेकिंग
कमेटियां गठित की है, जो जिलेभर के गेहूं गोदामों को चेक करेगी और गड़बड़
मिली तो उनकी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगी।
करनाल सहित प्रदेशभर के
गेहूं गोदामों में भारी गड़बड़ी मिलने पर प्रदेश सरकार ने जांच करने के
आदेश दिए हैं। सरकारी खरीद एजेंसियों के गोदामों में रखे अनाज में होने
वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार द्वारा विशेष टीमों का गठन किया गया
है। करनाल में भी दस टीमें बनाई गई हैं, इसके लिए बाकायदा डीसी ने बैठक
करके जांच के आदेश दिए हैं। यह टीमें सरकारी गोदामों में रखे अनाज के
रिकार्ड की पूरी निगरानी रखेंगी। इन टीमों में हैफैड, डीएफएससी विभाग,
पुलिस, समाज कल्याण विभाग, कान्फेड, मार्केट कमेटी समेत अलग-अलग दस विभागों
के अधिकारी शामिल किए गए हैं। बता दें कि पिछले दिनों सरकारी खरीद
एजेंसियों के करनाल के गोदामों में कुछ अधिकारियों की मदद से भारी मात्रा
में अनाज की चोरी की घटना सामने आई थी। इस मामले से सबक लेते हुए सरकार ने
सरकारी खरीद एजेंसियों के गोदामों में रखे अनाज की सुरक्षा के लिए विशेष
कदम उठाए हैं।
जांच करने के बिंदु तय
गेहूं गोदामों की जांच के
लिए टीम को बिंदु तय करके दिए हैं। टीम के सदस्य गोदाम में कितने बैग,
गेहूं की गुणवत्ता, वजन सहित गोदाम का रिकॉर्ड चेक किया जाएगा। रिकॉर्ड व
मौजूदा गेहूं से मिलान करके रिपोर्ट बनाई जाएगी। आशंका जताई जा रही है कि
अब तक गड़बड़ी को छिपाते आ रहे अधिकारियों की पोल खुलेगी, जिससे उनका नपना
तय है।
सरकार द्वारा सरकारी खरीद एजेंसियों के गोदामों में रखे
अनाज की निगरानी के लिए दस टीमें गठित की गई हैं। चंडीगढ़ से अधिकारियों
के अलावा स्थानीय विभागों के अधिकारियों को जांच टीम में शामिल किया गया
है, ताकि चेकिंग में पूरी पारदर्शिता से हो सके। 20 नवंबर तक चेकिंग करके
फाइनल रिपोर्ट पेश करनी है।
- निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल।