माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले के नामी स्कूलों की बसें भी सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों को पहिये के नीचे कुचलते हुए सड़कों पर दौड़ रही हैं। बुधवार को एसडीएम करनाल प्रदीप कुमार के उड़नदस्ते ने विशेष जांच अभियान चलाया। सेक्टर-6 मार्ग से गुजरती हुए 15 बसों की जांच में खामियां मिलीं। किसी में अग्निशमन संयंत्र खराब था तो किसी सहायक या चालक को इसे चलाना नहीं आता था। तीन बसों के चालक अनुभवहीन मिले।
इन चालकों के पास बस चलाने का पांच साल का मानक अनुभव नहीं था। सभी बसों के कुल 43 हजार रुपये के चालान मौके पर ही काटे गए। विशेष टीम ने बुधवार को चेकिंग के दौरान बसों के दस्तावेज, फिटनेस सर्टिफिकेट, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्रों की मुख्य रूप से जांच की।
एसडीएम प्रदीप कुमार ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि सभी बसें परिवहन विभाग के मानकों को पूरा करती हों। उन्होंने कहा कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
विदित हो कि 23 जनवरी के अंक में सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के मानकों के विपरीत स्कूल बसों के संचालन का अमर उजाला ने मुद्दा उठाया था। इस दौरान स्कूल बसों के अलावा उन वाहनों को भी दिखाया गया था जो अनफिट थे और क्षमता से ज्यादा विद्यार्थियों को बैठाकर चल रहे थे। एसडीएम का कहना है कि ऐसे वाहनों पर भी अभियान के दौरान शिकंजा कसा जाएगा। सबसे पहले उन स्कूल बसों की जांच की गई जो दिखने में फिट थीं।