नागरिक अस्पताल के पीएमओ (प्रिंसिपल मेडिकल आफिसर) ने ज्वाइनिंग के पहले दिन ही डॉक्टरों से लेकर फोर्थ क्लास कर्मचारी तक को लताड़ लगाई। ट्रामा सेंटर से लेकर हर वार्ड के हालात देखकर नाराज पीएमओ ने डाक्टरों और स्टाफ की खिंचाई की। उन्होंने कहा कि ऐसे नहीं चलेगा। मैं होम वर्क करके आया हूं, इसलिए अब पहले की तरह नहीं चलेगा। अस्पताल में जो भी मरीज आएगा, उसे इलाज मिलना चाहिए। टरकाऊ रवैया नहीं चलेगा। अगर किसी ने लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेने से पीछे नहीं हटेंगे। अस्पताल परिसर, शौचालयों में सफाई नहीं होने व डस्टबीन नहीं रखे जाने पर पीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित सुपरवाइजर को चेताया कि आगे से ऐसा मिला तो ठेकेदार की कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा।
पीएमओ डॉ. वीरेंद्र यादव ने सुबह 11.30 बजे टीम के साथ निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। पीएमओ ने बारीकी से ट्रामा सेंटर, ओपीडी ब्लॉक, अल्ट्रासाउंड सेंटर, मरीजों का वार्ड, लेबर रूम सहित हर जगह जांच की और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों को जमकर लताड़ा। सबसे गजब की बात तो यह थी कि डॉक्टर, स्टाफ नर्स ड्रेस कोड में नजर आए। इससे भी बड़ी बात सभी के गले में अपना पहचान पत्र पड़ा था। अस्पताल में डस्टबिन कम मिलने पर पीएमओ ने सुपरवाइजर महिला को भी जमकर लताड़ा और ठेकेदार को तलब कर लिया। पीएमओ ने कहा कि एक अगस्त से अस्पताल में ई-उपचार शुरू किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने निरीक्षण कर खामियां दूर करने के लिए कहा है। साथ ही अस्पताल में रजिस्ट्रेशन मैनुअली नहीं बल्कि कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा। इस दौरान डॉ. संजीव ग्रोवर, डॉ. रविंद्र संधु, डॉ. सिंगल, डॉ. कुलदीप, फार्मासिस्ट नरेश कुमार समेत अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
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डस्टबिन छिपाने के लिए नहीं होते, इन्हें सामने रखें
पीएमओ डॉ. यादव ने ऑफिस से निकलते ही ट्रामा सेेंटर का निरीक्षण किया। वहां उन्हें साफ सफाई के साथ-साथ डस्टबिन भी नहीं दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि डस्टबिन कहां है? वह एक साइड में रखा हुआ था तो पीएमओ बोले डस्टबिन छिपाकर रखने के लिए नहीं होते, इसे सामने रखें, ताकि लोग उसका प्रयोग कर सकें।
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महिला शौचालय की लाइटें मिलीं बंद
ओपीडी का निरीक्षण करते जब पीएमओ ने महिला शौचालय देखा तो वहां अंधेरा था। महिला सुपरवाइजर को लाइट जगाने को कहा तो वहां लाइट ही नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने साफ सफाई पर ध्यान रखने के लिए निर्देश दिए। साथ ही प्रापर तरीके से शौचालय की सफाई के निर्देश दिए।
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फर्श पर बैठे बुजुर्ग मरीज को देख भड़के पीएमओ
निरीक्षण करते हुए जब पीएमओ ओपीडी में पहुंचे तो वहां उन्हें फर्श पर एक बुजुर्ग मरीज बैठा मिला। उसे देखकर वे भड़क गए कर्मचारियों को लताड़ लगाकर उन्होंने कहा कि मरीजों के बैठने के लिए यहां बैंच होने चाहिए। मरीज फर्श पर नहीं बैठने चाहिए। इसके बाद आनन-फानन में बैंच को अंदर से बाहर रखा गया और बुजुर्ग को कुर्सी पर बैठाया गया।
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सभी डॉक्टरों से की मीटिंग
निरीक्षण के बाद पीएमओ ने अस्पताल के सभी डॉक्टरों के साथ मीटिंग की। उन्होंने कहा कि हर हाल में एक अगस्त से ई-उपचार शुरू करना है। इसके लिए पूरी तैयारियां की जाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों को अस्पताल में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए। पीएमओ ने ये भी कहा कि जिस जिस विभाग में परेशानी या कोई कमी है तो वे बताएं, ताकि उसे दूर कराया जा सके।
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मार्कर के साथ दवाइयों पर समय लिखें
पीएमओ ने डिस्पेंसरी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जब उन्होंने फार्मासिस्ट से पूछा कि मरीजों को दवा कैसे देते हो तो फार्मासिस्ट जब तक जवाब देते पीएमओ ने पूछा कि मार्कर कहां है? दवा किस चीज में देते हो। इस पर फार्मासिस्ट के पास कोई जवाब नहीं था। पीएमओ ने आदेश दिए कि आगे से कागज के लिफाफे रखो और मरीजों को उसी में पैक करके दवा दो। साथ ही दवा कैसे और किस समय लें, मार्कर से दवा पर लिखें।