भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय मारे गए करीब दस लाख लोगों की याद में
करीब सौ एकड़ में एक शहीदी स्मारक बनाएगा। इसके अंतर्गत इस क्षेत्र में
गऊशाला, स्कूल, कॉलेज, धर्मशाला व अस्पताल आदि खोले जाएंगे।
इसके लिए
कुरुक्षेत्र के पिपली के पास 25 एकड़ जमीन खरीद ली गई है, जबकि 75 एकड़ को
लेकर बात चल रही है, उसे भी जल्द खरीदा जाएगा। यह कार्य पंजाबी समाज का
पंचनद स्मारक ट्रस्ट कर रहा है। बंटवारे के समय मारे गए लोगों को सम्मान
देने का यह पहला प्रयास है और अपने आप में नायाब भी।
पंचनद सदस्यों का दावा
है कि इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 14
अगस्त को सुबह 10 बजे कुरुक्षेत्र में होने वाले पंचनद शहीदी दिवस के अवसर
पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस शहीदी स्मारक का शिलान्यास करेंगे। ट्रस्ट
के संरक्षक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव सोमवार देर
रात श्री राधा कृष्ण गऊशाला अर्जुन गेट करनाल में पहुंचे थे। इस दौरान अमर
उजाला से बातचीत के दौरान स्वामी धर्मदेव ने बताया कि वर्ष 1947 के
पाकिस्तान बंटवारे के वक्त करीब 10 लाख से ज्यादा पंजाबी समाज के लोगों का
कत्लेआम हुआ। उन आत्माओं को मान देने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। यह
एक तरह से दुनिया का आठवां अजूबा होगा। स्वामी ने बताया कि करीब 100 एकड़
में यह शहीदी स्मारक बनेगा। 25 एकड़ जगह खरीद ली है, 75 एकड़ की बात चल रही
है। इसमें संत समाज के काफी साधु संत भी शामिल होंगे।
पंजाबी समाज सभी एमएलए व एमपी करेंगे शिरकत
कई
पंजाबी समाज के एमएलए., एमपी. भी इस शहीदी दिवस पर शिरकत करेंगे। स्वामी
धर्मदेव ने कहा पंजाबी समाज ने मेहनत से आज जो मुकाम हासिल किया है वो
दुनिया में एक मिसाल है। हमारे बुजुर्ग वहां से खाली हाथ आए थे और अपनी
मेहनत के बल पर आज पूरे विश्व में पंजाबी समाज का नाम रोशन किया है। इस
मौके पर कुरुक्षेत्र एम.एल.ए. सुभाष सुधा ने पंजाबी समाज से अपील की है कि
करनाल और कुरुक्षेत्र साथ साथ है, यहां की हाजिरी कुरुक्षेत्र से भी ज्यादा
होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस शिलान्यास में उनके हाथों द्वारा एक-एक
ईंट रखवाई जायेगी, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने बुजुर्गों को याद रखेंगी।
बुजुर्गों के संघर्ष की रहेगी हमेशा याद
इससे
पहले, स्वामी का कृष्णलाल तनेजा, प्रदेश प्रवक्ता किशोर नागपाल और
पदाधिकारियों ने महाराज का फूल मालाएं डालकर व बुके देकर स्वागत अभिनंदन
किया। साथ ही उन्होंने इस मौके पर पंजाबी समाज की एक बैठक को संबोधित किया।
इस मौके पर गऊशाला के संचालक स्वामी गोपालदास ने कहा कि आने वाली पीढिय़ां
अपने बुजुर्गों के संघर्ष ोको याद रखेंगी। इस मौके पर संरक्षक राम नारायण
मिगलानी, चेयरमैन महेश भाटिया, वाईस चेयरमैन विनोद खेतरपाल, प्रधान अजीत
सिंह चावला, महासचिव दीपक नारंग, प्रदेश प्रवक्ता किशोर नागपाल, उपप्रधान
विनीत भाटिया, विजय गिरधर, राकेश मदान, कैशियर प्रवीन गुप्ता, पूर्व मंत्री
शशीपाल मैहता, अशोक सुखीजा, पंकज भारती, पूर्व चेयरमैन बलविन्द्र कालड़ा,
पार्षद सुदर्शन कालड़ा, पूर्व पार्षद भगवानदास अघी, पूर्व पार्षद नरेन्द्र
पंडित, दर्शन लाल अरोड़ा, विकास टंडन, अनिल गांधी, नीटू कक्कड़, प्रवेश
गाबा, जे.आर. कालड़ा, रूप नारायण चानना, कैलाश सचदेवा, श्याम कपूर, सोनू
सर्राफ, दीपक भंडारी, गोपी चन्द आर्य, विकास टंडन, हरीश आर्य एडवोकेट आदि
उपस्थित रहे।