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भारतीय संस्कृति प्रेम, सद्भावना की है : प्रेम दीदी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर सात के सेवा केंद्र में विद्यार्थियों के लिए ग्रीष्म शिविर में वैश्विक संस्कृति प्रेम, शांति व सदभावना विषय पर व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम हुआ। जिसका शुभारंभ करते हुए राजयोगिनी प्रेम दीदी ने कहा कि हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति प्रेम, शांति व सद्भावना की रही है। यही वैश्विक संस्कृति है कि सारा विश्व हमारा परिवार है। एक परमात्मा के बच्चे आत्मा रूप में हम सब भाई बहन हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा आपस में बहुत प्रेम होना चाहिए। हमें मिलजुल कर रहना व एक दूसरे के विचारों का सम्मान करना चाहिए। शांति हमारा मूल गुण है। शांति हमारा स्वरूप है। शांति हमारे विचारों में अंतर्निहित है। इसे भौतिकता में ढूंढ़ने पर ये मिलने वाली नहीं है। उन्होंने इस विषय पर आधारित प्रार्थना भी सब बच्चों से करवाई।
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डाॅ. शिखा त्यागी ने छात्रों को बताया कि सदा ही अपने जीवन में सकारात्मक रहना चाहिए। आत्मविश्वासी रहना चाहिए। छात्रों और माता पिता के लिए आत्म प्रेम, आत्म देखभाल महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम और संतुलित आहार को प्रोत्साहित करें। सकारात्मक आत्म चर्चा और ध्यान जैसी आदतें सिखाएं। माता पिता को बच्चों की भावनाओं को सुनना चाहिए, उन्हें मान्यता देनी चाहिए। इस मौके पर आरएस पब्लिक स्कूल के निदेशक ललित सरदाना, ब्रह्माकुमारी शिविका बहन, जितेंद्र गुप्ता, बीके शिखा, आरती, ज्योति, नेहा अरोड़ा, सुनीता जागिया, बिमला नागपाल, ईश्वर गर्ग, रेणू छोकर व प्रशांत छोकर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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