- पौष्टिक आहार कम फास्ट फूड ज्यादा, बढ़ता मोटापा और नशे का सेवन सेहत के लिए खतरनाक
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस
अनुज शर्मा
करनाल। खानपान में बदलाव और बदलती जीवनशैली के कारण उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
सिविल अस्पताल में स्थापित एनसीडी क्लीनिक में जनवरी से अप्रैल तक 12,202 लोगों ने जांच करवाई। जिनमें से 4563 यानी 37.39 प्रतिशत लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित मिले हैं। जिन्हें समयानुसार रक्तचाप की जांच कराने और नियमित रूप से दवाइयों लेने की सलाह दी है।
एनसीडी क्लीनिक की नर्सिंग ऑफिसर मनीषा शर्मा ने बताया कि नॉन कम्युनिकेबल डिसीज यानी असंचारी रोग, संक्रामक नहीं होते हैं, लेकिन इन रोगियों को समय पर इलाज न मिले तो यह खतरनाक हो सकता है। उच्च रक्तचाप हृदय संबंधी बीमारियों के साथ ही अन्य रोगों को बढ़ा देते हैं। ऐसे में जीवनशैली में बदलाव बेहद जरूरी है।
शरीर का वजन संतुलित रखने के साथ ही प्रतिदिन 30 मिनट तक व्यायाम बेहद जरूरी है। थोड़े-थोड़े समय पर कम मात्रा में पौष्टिक व संतुलित भोजन लिया जाना चाहिए। फाइबर युक्त फल या सब्जी का सेवन करें। तंबाकू व शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। संवाद
एनसीडी क्लीनिक में कराएं निशुल्क उपचार
नर्सिंग ऑफिसर रितु ने बताया कि रक्तचाप और मधुमेह की जांच, उपचार और दवाओं के लिए सिविल अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक बनाई गई है। जहां मरीजों को निशुल्क इलाज दिया जाता है। एनसीडी क्लीनिक के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग दो कार्यक्रम चला रहा है। पहला एनपीसीडीसीएस (नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ कैंसर, डायबिटीज, कार्डियोवस्कुलर डिसीजेज एंड स्ट्रोक है), जिसके तहत 30 से अधिक उम्र के युवाओं की निशुल्क जांच की जाती है। दूसरा कार्यक्रम एनपीएचसीई (नेशनल प्रोग्राम फॉर दी हेल्थ केयर ऑफ एडरली) है, इसके तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को निशुल्क इलाज दिया जाता है।
बीमारी के कारण और बचाव
पौष्टिक आहार न लेना, फास्ट फूड और बाजार में बने भोजन का अधिक सेवन करना, बढ़ता मोटापा इस बीमारी के कारण हैं। इससे बचाव के लिए पौष्टिक भोजन खाएं, नियमित व्यायाम करें, शराब और धूम्रपान से बचना होगा।
एनसीडी क्लीनिक में हुई जांच पर एक नजर
माह जांच
जनवरी 3059
फरवरी 2476
मार्च 2029
अप्रैल 4638
कुल 12202