बिजली निगम के उपभोक्ताओं को धीरे से जोर का झटका लगा है। प्रति यूनिट एक
रुपया 76 पैसे बढ़ गए हैं। महंगी बिजली से उपभोक्ता चिंतित हैं। निगम के इस
कदम से जिले के उपभोक्ताओं पर सात लाख रुपये का अतिरिक्त भार पड़ गया है।
अब लोगों के पास जो बिल पहुंच रहा है वह पहले से डेढ़ गुणा अधिक आ रहा है।
जिले में करीब चार लाख उपभोक्ता हैं और इनसे बिल के रूप में औसतन 72 से 75
करोड़ रुपये जमा होते हैं।
अब यूनिट के चार स्लैब तोड़कर निगम ने
उपभोक्ताओं के दो स्लैब बना दिए और फ्यूल सरचार्ज भी बढ़ गया है। इससे
लोगों को महंगी बिजली मिलने लगी है। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है
कि निगम को घाटे से उभारने के लिए यूनिट महंगी की गई है। निगम बिजली देकर
बाद में बिल वसूल रही है। यदि बिजली महंगी हुई तो लोगों को इसका फायदा भी
मिलेगा।
दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि सरकार लोगों पर बोझ डाल रही है। जो
बिल पहले 500 रुपये आता था अब 800 रुपये आ रहा है। इतना ही नहीं कई
उपभोक्ताओं के घर दो पंखे और दो ट्यूब लाइट का बिल 1300 रुपये आ रहा है।
निगम की इतनी महंगी बिजली से गरीब लोग बिल भरने में कठिनाई महसूस कर रहे
हैं और सरकार को कोष रहे हैं।
बिजली निगम के अधिकारी जिले में दो तरह
की कार्यप्रणाली अपना रहे हैं।
सात करोड़ रुपये सरकारी विभागों में फंसे
हैं और 133 करोड़ रुपये आम लोगों में फंसे हैं। सीएम सिटी में डिफाल्टरों
की संख्या बढ़ने पर निगम का नुकसान बढ़ रहा है और इसका खामियाजा रेगुलर बिल
भर रहे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। रेगुलर उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली
इसी तरह महंगी रही तो डिफाल्टरों की संख्या और बढ़ेगी।
पहले बिजली यूनिट के स्लैब
यूनिट यूनिट दर
01-100 3.98
101-250 4.70
251-500 4.98
501 से अधिक 6.35
प्रति यूनिट 31 पैसे फ्यूल सरचार्ज
अब इस दर से आएगा बिल
यूनिट यूनिट दर
500 5.75
501 से अधिक 6.75
प्रति यूनिट 35 पैसे फ्यूल सरचार्ज
कोट
अब
दो स्लैब कर दी है। फ्यूल सरचार्ज भी चार पैसे बढ़े हैं। निगम का नुकसान
बढ़ने पर न्यूनतम यूनिट महंगी की जाती है। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली
सप्लाई की जाती है।
डीवीएस धनखड़, एसई, बिजली निगम करनाल।