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दूसरे दिन भी मेयर सहित डटे रहे पार्षद

Tue, 17 Dec 2013 10:09 PM IST
करनाल
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करनाल में नगर निगम के पार्षदों ने निगम कार्यालय के सामने मंगलवार को दूसरे दिन भी सरकार और विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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जनता के हितों की रक्षा के नाम पर सरकार और विधायक के विरोध में उतरे पार्षदों के पक्ष में मंगलवार को पूर्व मंत्री जयप्रकाश गुप्ता भी धरना स्थल पर पहुंच गए। उनके अलावा शहर के हकीकत नगर के सर्वजातीय धर्मशाला विकास मंच के बैनर तले काफी महिलाएं पार्षदों के पक्ष में पूरा दिन धरने पर बैठी रहीं। मेयर रेनू बाला गुप्ता ने कहा कि वे लोग जनता के हित में सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं।

उन्हें अपने पद के अधिकार का प्रयोग करने की पावर नहीं मिलने तक विरोध समाप्त होने वाला नहीं है। मेयर ने कहा कि वे लोग चुनाव से पहले अपने-अपने क्षेत्रों का विकास के जरिए कायाकल्प करने का आश्वासन देकर चुने गए हैं। पार्षद चुनने के बाद उन लोगों के पास कोई काम कराने की पावर ही नहीं है। इससे बेहतर तो वे लोग हैं, जो बिना चुनाव लडे़ लोगों की मदद कर विकास करवा सकते थे।
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यहां वे लोग पूरी तरह राजनीतिक रंजिश के फेर में उलझा दिए गए हैं। अधिकारी राजनीतिक दबाव के चलते उन लोगोें की बात नहीं मानते हैं। विधायक कहतीं हैं कि 27 दिसंबर को 13 करोड़ रुपये के विकास कार्य के टेंडर होने हैं। उन्हें और सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और उनके पक्ष के किसी भी पार्षद को जानकारी नहीं है। ऐसे में नहीं माना जा सकता कि विधायक का इस मामले में हस्तक्षेप नहीं है।

मामले को सामने लाकर ही लेंगे दम
सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग और डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने कहा कि पूरा मामला सामान्य नहीं है। राजनीति से ही प्रेरित है। कुछ भी हो वे लोग जनहित में काम कर रहे हैं। पूरा मामला सामने लाकर ही दम लेंगे।

उधर, इस मामले में पार्षद राकेश कुमार उर्फ भाग सिंह, बलविंदर सिंह, सुजाता अरोड़ा समेत कई पार्षदों ने कहा कि वे लोग अब चुप नहीं बैठेंगे। अधिकार मिलने के लिए बहुत दिन इंतजार हो चुका है। जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है। वे अधिकार भी लेंगे। विरोध अनिश्चितकालीन जारी रहेगा।

मंगलवार को पार्षद विनोद तितोरिया और सतीश कुमार विरोध में शामिल नहीं हो सके। यशपाल मित्तल भी विरोध में नहीं पहुंचे।

पूर्व मंत्री जयप्रकाश गुप्ता ने भी की वकालत
पार्षदों के विरोध के दौरान पूर्व मंत्री जयप्रकाश गुप्ता भी पार्षदों के बीच धरनास्थल पर जा पहुंचे। गुप्ता ने जनता के लिए शहर का विकास कराने के पार्षदों के मामले की वकालत की। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों को विकास चाहिए। वह होना चाहिए।
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चाहे कोई पार्षद बने, विधायक बने या फिर मंत्री और मुख्यमंत्री लोग सभी को विकास कराने के लिए बनाते हैं। वे लोग जनता की उम्मीद पर खरा नहीं उतरेंगे तो उन लोगों का भविष्य दांव पर लग जाता है। यह पहली बार देखने को मिला है कि मेयर समेत पार्षद लोगों के हक में विरोध करे और उनकी सुनवाई नहीं हो रही हो।

विधायक ने आरोपों को बताया निराधार
विधायक सुमिता सिंह पहले ही कह चुकीं हैं कि उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। शहर में विकास कार्य हों, वे इसके पक्ष में है।

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। विकास होने पर उनकी सरकार की उपलब्धि मानी जाती है। वह कह चुकी है कि उन पर लगाया गया आरोप निराधार है। 
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