कटिहार से अमृृतसर जा रही बरौनी एक्सप्रेस (आम्रपाली एक्सप्रेस) बुधवार
सुबह अचानक तरावड़ी रेलवे स्टेशन पर रुक गई। इस गाड़ी का तरावड़ी में कोई
भी स्टॉपेज नहीं है। तरावड़ी रेलवे स्टेशन पर जैसे ही यह गाड़ी रुकी तो
पहले से ही यहां मौजूद सवारियां इस गाड़ी में चढ़ ली।
किसी भी यात्री को इस
बात की भनक नहीं थी कि इस गाड़ी का इंजन फेल हो चुका है। हर यात्री बस यही
सोच रहा था कि आज वह अपने निर्धारित समय से पहले कुरुक्षेत्र और अंबाला
पहुंच जाएंगे। ध्यान रहे कि तरावड़ी में अंबाला की ओर जाने के लिए सुबह के
समय करीब 6:40 पर 64541 पानीपत पैसेंजर ही पहली गाड़ी रुकती है।
इसके बाद
दादर एक्सप्रेस का ठहराव यहां होता है। दादर के आने का समय 7 बजकर 34 मिनट
का है, जबकि तरावड़ी में बुधवार को बरौनी का सुबह पौने 7 बजे के करीब इंजन
फेल हो गया था। काफी देर तक जब तरावड़ी से यह गाड़ी नहीं चली तो बरौनी में
पहले से सवार व तरावड़ी से चढ़े सभी यात्रियों के दिलों की धड़कनें तेज हो
गई। न कोई बम की अफवाह थी न ही किसी ने चेन पुलिंग कर गाड़ी को रोका था।
फिर भी गाड़ी आगे नहीं सरक पा रही थी। करीब 1 घंटे तक किसी को इस बात की
खबर नहीं थी कि इस गाड़ी का इंजन फेल हो चुका है। सुबह करीब साढ़े 7 बजे यह
घोषणा हुई कि बरोनी एक्सप्रेस का इंजन फेल हो गया है। यह ट्रेन तरावड़ी
स्टेशन पर सुबह 8 बजकर 10 मिनट तक खड़ी रही और यात्री परेशानी झेलते रहे।
इंजन फेल होने के कारण यह गाड़ी करीब डेढ़ घंटे तक तरावड़ी में ही रुकी
रही। ध्यान रहे कि प्रतिदिन करनाल से अंबाला की ओर करीब 1 हजार दैनिक
यात्री ट्रेनों में सफर करते हैं, जबकि दिल्ली की ओर जाने वालों की संख्या
करीब साढ़े 3 हजार है।
कुरुक्षेत्र से मंगवाया गया नया इंजन
तरावड़ी
में इंजन फेल होने के बाद कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर इसकी सूचना भेजी
गई। चूंकि पानीपत के बाद कुरुक्षेत्र ही सबसे नजदीक का जंक्शन है।
कुरुक्षेत्र जंक्शन पर इसकी सूचना दी गई। यहां से सूचना मिलने पर करीब आधे
घंटे बाद इंजन को तरावड़ी भेजा गया है। इसके बाद ही बरौनी एक्सप्रेस
तरावड़ी से सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर रवाना हो सकी।
6 ट्रेनें हुई लेट, दैनिक यात्रियों को हुई सबसे अधिक परेशानियां
तरावड़ी
में अचानक इंजन फेल होने का असर दूसरी ट्रेनों पर भी पड़ा। इन ट्रेनों को
सिग्नल नहीं मिलने के कारण बीच में ही रोकना पड़ा। बरौनी का इंजन फेल होने
के कारण 14217 ऊंचाहार एक्सप्रेस भी प्रभावित हुई। यह गाड़ी करनाल में 6
बजकर 58 मिनट पर पहुंचती है। बरौनी के कारण इस गाड़ी को भी करनाल ही रेलवे
स्टेशन पर 1 घंटे 15 मिनट तक रोकना पड़ा। यह गाड़ी करनाल से सुबह 8 बजकर 15
मिनट पर रवाना हो पाई। सुबह 8:10 बजे करनाल रेलवे स्टेशन पर ही 14795
भिवानी कालका-एकता एक्सप्रेस का ठहराव है, लेकिन करनाल रेलवे स्टेशन पर
पहले से ही ऊंचाहार खड़ी होने के कारण इस गाड़ी को करनाल से पीछे ही रोकना
पड़ा। यह गाड़ी भी करीब 20 मिनट अपने निर्धारित समय से लेट रही। इसी तरह
12919 इंदौर जम्मू तवी को भी रोकना पड़ा, यह गाड़ी अपने निर्धारित समय से 1
घंटा 40 मिनट देर हुई। 12497 शान-ए पंजाब भी इसी कारण 10 मिनट लेट हुई।
इसके अलावा दादर एक्सप्रेस 52 मिनट इसी कारण देर हुई।
यह गाड़ियां रहीं लेट
गाड़ी संख्या, गाड़ी का नाम, देर
11057, दादर एक्सप्रेस, 52 मिनट
14217, ऊंचाहार एक्सप्रेस, 1 घंटा 15 मिनट
12919, इंदौर जम्मूतवी एक्सप्रेस, 1 घंटा 40 मिनट
14095, हिमालय क्वीन, 15 मिनट
12497, शान ए पंजाब, 10 मिनट
14795, भिवानी-कालका-एकता एक्सप्रेस, 20 मिनट
यात्री बोले, किए थे बड़े-बड़े दावे, गाड़ी लेट हो तो क्यों नहीं करते जुर्माना
करनाल
से अंबाला कैंट जाने के लिए बरौनी एक्सप्रेस में सवार यात्री परवीर ने
बताया कि वह प्रतिदिन करनाल से अंबाला शहर में डीसी कार्यालय जाता है। उसने
बताया कि गाड़ी करीब डेढ़ घंटे तरावड़ी रुकी रही ऐसे में यात्री कहां
जाएं, क्या करें, इसकी जिम्मेदारी रेलवे की क्यों नहीं होती, क्यों इस तरह
की दिक्कतों पर जुर्माना या टिकट वापसी का प्रावधान नहीं है। सरकार ने दावे
किए थे कि रेलवे में सुधारीकरण होगा, लेकिन कोई सुधार आज तक नहीं हुआ।
यात्री सोहन, विनीता, पायल, रमेश, बलराम इत्यादि ने कहा कि रेलवे के लिए
वादे तो बहुत से किए गए लेकिन यह तक नहीं बताया जाता कि गाड़ी देरी से
क्यों है या क्यों रोकी गई है।
हमें इस बारे में जानकारी नहीं है कि बरौनी को तरावड़ी में क्यों रोका गया।
विरेंद्र ठाकुर, स्टेशन अधीक्षक, करनाल।
इंजन फेल होने के कारण बरौनी रुक गई थी। कुरुक्षेत्र से इंजन मंगवाया गया था, इसी कारण कई ट्रेनों प्रभावित हुई।
अजय कुमार, राजकीय रेलवे पुलिस करनाल।