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स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का हुआ उल्लंघन, ऐसे ता बच्चे नहीं रहेंगे सुरक्षित

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कोरोना की दूसरी लहर खत्म होने के बाद शुक्रवार को ढाई माह बाद स्कूल खुलने के साथ शिक्षा विभाग की तैयारियों की पोल खुल गई। पहले ही दिन सरकारी स्कूलों में कोरोना से बचाव के मानक नजर नहीं आए। हालात यह थे कि स्कूलों के प्रवेेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग भी ढंग से नहीं की गई। खराब और बंद पड़ी मशीन से इस तरह थर्मल स्क्रीनिंग की गई जैसे वास्तविक तौर पर स्कैनिंग हो रही हो। इतना ही नहीं किसी भी स्कूल में तापमान चेक करने के बाद उसे रजिस्टर में नोट करने की कोई व्यवस्था भी नहीं थी। इसी तरह ज्यादातर स्कूलों में सैनिटाइजर तक के बंदोबस्त नहीं थे। जो छात्र स्कूल पहुंचे उनके पास अभिभावकों के अनुमति पत्र भी नहीं थे। उन्हें लिए बिना ही स्कूल संचालकों ने प्रवेश दे दिया बल्कि कक्षाओं में भी बिठा लिया। यहां तक कि स्कूल पहुंचे छात्रों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तक नहीं हुआ। ऐसी ही अव्यवस्थाओं के बीच शुक्रवार को नौवीं से लेकर 12वीं के कुल 5 हजार 743 छात्र जिले भर के स्कूलों में पहुंचे। अभी तक कुल 27 हजार 902 दाखिले स्कूलों में हुए हैं।
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शहर के राजकीय स्कूल प्रेमनगर में गेट पर खड़े कर्मचारी द्वारा खराब और बंद पड़ी मशीन से बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही थी और बच्चों को बिना चेकिंग के ही स्कूल में प्रवेश दिया जा रहा था। इसमें भी बहुत से छात्र ऐसे थे जो बिना अनुमति पत्र के स्कूल पहुंचे थे, लेकिन छात्रों को अभिभावकों से फोन पर बात करवाकर प्रवेश दिया गया। स्कूलों में व्यवस्थाएं सही हैं या नहीं इसका जायजा लेने के लिए डीपीसी सुधीर कालड़ा ने दौरा किया। इस दौरान वे आधा दर्जन से अधिक स्कूलों में पहुंचे। जहां उन्होंने छात्रों के साथ अध्यापकों से भी बातचीत की। वहीं, जिन स्कूलों में अव्यवस्था मिली उन्हें दुरुस्त करवाने के स्कूल प्रमुखों को आदेश जारी किए।
यह बोले छात्र
ढाई माह बाद स्कूल खुले हैं, इतने दिनों बाद स्कूल आकर अच्छा लग रहा है। क्योंकि घर पर ऑनलाइन पढ़ाई करके हम छात्रों को भी परेशानी होती थी। हम तो कब से सोच रहे थे कि स्कूल खुल जाएं। अब जब स्कूल खुले हैं तो काफी राहत मिली है।
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- यशिका
स्कूल में आने पर काफी अच्छा लगा है। पूरे ढाई माह के बाद स्कूल में आए हैं। क्योंकि ऑनलाइन पढ़ाई करना काफी मुश्किल हो जाता था। केवल हम ही नहीं सभी छात्रों के लिए कक्षा में आकर पढ़ाई करना बहुत अच्छा माध्यम है। अब भविष्य में स्कूल बंद नहीं होने चाहिए।
- प्रियंका।
ऑनलाइन पढ़ाई में काफी परेशानी हो रही थी। वहीं, पिछले ढाई माह से घर में बैठे बैठे भी अच्छा नहीं लग रहा था। अब जब स्कूल खुले है तो काफी अच्छा लग रहा है। अब स्कूल में आकर ही अच्छे से अपनी पढ़ाई को जारी रखेंगे।
- मोनिका।
जब पता चला कि स्कूल खुल रहे हैं तो काफी खुशी मिली थी। आज बहुत दिनों बाद स्कूल में आए हैं और पढ़ाई की है। हम तो पिछले काफी समय से स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे। आज जब स्कूल खुले तो हम स्कूल में पहुंचे और पढ़ाई भी जारी रखी।
- सिम्मी।
मेरे संज्ञान में मामला आया था कि खराब थर्मल स्कैनर से स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद हमने सभी स्कूलों को जिनके पास खराब थर्मल स्क्रीनिंग है उन्हें निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी स्कूलों को सख्ती से कोरोना नियमों का पालन करने के निर्देेश दिए हैं।
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- सुरेश कुमार, डीईओ, अंबाला।
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