करनाल। करनाल रेलवे स्टेशन से 60 ट्रेनें गुजरती हैं। पिछले एक माह में इनमें से एक भी ट्रेन समय पर नहीं पहुंची। ट्रेन का आधे से तीन घंटे तक लेट होना सामान्य बात हो गई है। यात्री परेशान रहते हैं।
सर्दी की शुरुआत के साथ ही कोहरे से ट्रेनों की रफ्तार और धीमी पड़ चुकी है। रेलवे के अनुसार उत्तरी भारत में कोहरे का असर बढ़ने लगा है। इससे रात और सुबह के समय ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो रहा है। लोकल ट्रेनों की बात करें तो महीने में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब लोकल ट्रेन समय पर आई हो। इससे दफ्तर आने-जाने वाले और दैनिक यात्रियों को लगातार देरी झेलनी पड़ रही है।
शहर से रोजाना करीब पांच हजार लोग ट्रेनों से आवागमन करते हैं, इसलिए देरी का सीधा असर उनके कामकाज, स्कूल-कॉलेज के समय और यात्राओं की योजनाओं पर पड़ रहा है। स्टेशन पर सुबह-शाम यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है, जबकि ट्रेन के लेटलतीफ होने से कई बार प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे को जल्द से जल्द वैकल्पिक प्रबंधन करना चाहिए, ताकि सर्दी और कोहरे के दौरान भी ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार हो सके।
नई दिल्ली कुरुक्षेत्र लोक दो घंटे की देरी से आईदिल्ली से अंबाला जाने वाली नई दिल्ली कुरुक्षेत्र लोकल दो घंटे की देरी से 12:37 बजे करनाल आई। नेताजी एक्सप्रेस पौने दो घंटे की देरी से 12:41 बजे पहुंची। फाजिल्का इंटरसिटी एक घंटे की देरी से शाम 5 बजे आई। चंडीगढ़ गरीब रथ, गीता जयंती, ऊंचाहार, एकता, शान ए पंजाब, पठानकोट, अमृतसर इंटरसिटी भी 20 मिनट से लेकर आधे घंटे तक लेट रहीं। पानीपत अंबाला कैंट लोकल और सचखंड एक्सप्रेस पौन घंटे की देरी से आईं।
अंबाला से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में कुरुक्षेत्र दिल्ली लोकल अपने निर्धारित समय से पौने दो घंटे की देरी से 3:09 बजे करनाल पहुंची। मालवा सुपर फास्ट एक घंटे की देरी से शाम को 7:18 बजे आई। कई ट्रेनें 10 से 25 मिनट तक लेट रहीं।