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Karnal News: संगीन मामलों में अपराधी को हथकड़ी लगा कोर्ट में पेश करेगी पुलिस

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- नया कानून लागू होने पर जिले के थानों में आयोजित किया गया सेमिनार
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नया कानून लागू होने पर पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा के निर्देश पर जिले के सभी थानों में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को तीनों नए कानूनों के बारे में जानकारी दी गई। सेमिनार में बताया गया कि नए कानूनों में दिए गए प्रावधानों में प्रत्येक कार्रवाई के लिए निश्चित समय सीमा निर्धारित की गई।
शिकायत मिलने के तीन दिन के अंदर एफआईआर दर्ज करनी होगी। जिन केसों में 3 से 7 साल सजा का प्रावधान है उन केसों में थाना प्रभारी, उप पुलिस अधीक्षक अथवा उससे वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति लेकर एफआईआर दर्ज करने से पहले 14 दिन के भीतर प्रारंभिक जांच कर सकेंगे। प्रारंभिक जांच के बाद एफआईआर दर्ज करनी होगी।
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एफआईआर दर्ज करने के बाद पीड़ित को मुकदमे की प्रगति बारे एसएमएस या अन्य माध्यमों से 90 दिनों के अंदर जानकारी प्रदान की जाएगी। नए कानून में छोटे अपराध जिनमें तीन वर्ष से कम की सजा है, उनमें आरोपित यदि 60 वर्ष से अधिक आयु का है तो उसकी गिरफ्तारी के लिए उप पुलिस अधीक्षक या उससे वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
गंभीर अपराध की सूचना पर घटनास्थल पर बिना विचार करे शून्य एफआईआर दर्ज होगी। संगीन मामलों में पुलिस अब आरोपियों को हथकड़ी लगाकर भी न्यायालय में पेश सकती हैं। गरीब की जायदाद पर जो कब्जा करते हैं, उन पर भी इसमें समयबद्ध कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।


दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामलों में जांच दो माह के भीतर पूरी करनी अनिवार्य
उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय करनाल नायब सिंह ने बताया कि दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट के मामलों में जांच दो माह के भीतर पूरी करनी होगी। नए कानून के तहत पीड़ित को 90 दिन के भीतर अपने मामले की प्रगति पर नियमित रूप से जानकारी पाने का अधिकार होगा। इसके अलावा तलाशी अथवा जब्ती की प्रक्रिया के दौरान वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य होगा, जिसके लिए भी सभी अनुसंधान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। नए कानून में संगठित अपराध पर विशेष प्रावधान है।
संगठित गैंग, सिंडिकेट चलाने वाले गिरोह के आरोपियों द्वारा अपराध कर काली कमाई से अर्जित की संपत्ति को अटैच करने के प्रावधान बारे विशेष रूप से दिया गया। अब जांच अधिकारी पुलिस अधीक्षक के माध्यम से न्यायालय में अपील कर आरोपियों की इस प्रकार से अर्जित की संपत्ति अटैच करवा सकेंगें।
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जिले के प्रत्येक थाने में कार्यक्रम आयोजित कर सरपंचों व मौजिज लोगों को तीनों नए आपराधिक कानूनों के बारे में जानकारी दी जाएगी। ताकि वे आगे आमजन को जागरूक कर सकें।
मोहित हांडा, पुलिस अधीक्षक करनाल
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