महिलाएं सृष्टि की अनमोल कृति हैं, महिलाओं के बिना समाज की कल्पना नहीं
की जा सकती, फिर भी कुछ दकियानूसी सोच के लोग बेटियों को गर्भ में मरवा
डालते हैं, जो कि गंभीर चिंतन का विषय है।
बेटियों के संरक्षण के लिए समाज
को अपनी सोच में परिवर्तन लाने की जरूरत है। ये बातें हरियाणा की महिला एवं
बाल विकास मंत्री कविता जैन ने स्थानीय महिला आश्रम परिसर में प्रदेश के
प्रथम और देश के दूसरे वन स्टॉप सेंटर फॉर वुमैन (सखी) के उद्घाटन के बाद
लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।
छत्तीसगढ़ में देश का पहला सेंटर बना चुका
है। कविता जैन ने कहा कि इस केन्द्र में यौन उत्पीड़न, मनोवैज्ञानिक व
भावनात्मक स्तर या फिर अन्य कारणों से प्रभावित महिलाओं को सहायता दी
जाएगी। इस सेंटर में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। प्रदेश
सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में
रक्षाबंधन से एक दिन पहले सभी 21 जिला मुख्यालयों पर महिला पुलिस थाने खोले
गए हैं।
हरियाणा देश का दूसरा ऐसा राज्य है, जहां महिला पुलिस थानों की
शुरुआत हुई। केन्द्र सरकार द्वारा देशभर की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए
वर्ष 2015-16 के बजट में एक हजार करोड़ रुपये का फंड प्रत्येक वित्त वर्ष
के लिए निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश
सिंह विर्क, ओएसडी अमरेन्द्र सिंह, एसीएस डॉ. अवतार सिंह, महिला एवं बाल
विकास विभाग की निदेशक अमनीत पी. कुमार, पीओआईसीडीएस रजनी पसरीचा, जिला बाल
सरंक्षण अधिकारी रीना कादयान, जिला संरक्षण अधिकारी सविता राणा, सुमन नैन,
जिलेभर की सीडीपीओ, सुपरवाइजर, आगंनबाड़ी कार्यकर्ता, हेल्पर उपस्थित
रहीं।
ये सुविधाएं दी जाएंगी
राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने
कहा कि वन स्टॉफ सेंटर में पीड़ित महिलाओं/किशोरियों को एक ही छत के नीचे
चिकित्सा, सुरक्षा, पुलिस सहायता, कानूनी सलाह, रहने और भोजन की सुविधा
मिलेगी। केन्द्र में प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर, केस वर्कर, चिकित्सा स्टाफ,
रसोईये इत्यादि कर्मचारी रहेंगे। विश्व के अन्य क्षेत्रों की तरह भारत में
भी लिंग आधारित हिंसा देश के किसी न किसी क्षेत्र में घट जाती है। इसलिए
ऐसे केंद्र बनाना सार्थक कदम है।