जिले के सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन की रफ्तार तेज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सर्जिकल सप्ताह शुरू किया है। सप्ताह 5 से 11 फरवरी तक चलेगा। पहले ही दिन दो सरकारी अस्पतालों में 12 विशेषज्ञ डॉक्टर करीब 18 ऑपरेशन करेंगे, जिनमें सबसे अधिक संख्या आंखों के मोतियाबिंद ऑपरेशन की रहेगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के तहत 15 गंभीर बीमारियों का इलाज निजी अस्पतालों में बंद होने के बाद नागरिक अस्पतालों पर मरीजों का दबाव काफी बढ़ गया है। इसी को देखते हुए सर्जिकल सप्ताह के दौरान रोजाना योजनाबद्ध तरीके से ऑपरेशन किए जाएंगे, ताकि लंबित ऑपरेशन की सूची को तेजी से कम किया जा सके।
15 बीमारियों का इलाज केवल सरकारी अस्पतालों में
नवंबर में सरकार ने पीएम-जेएवाई व चिरायु योजना के तहत कई मेडिकल और सर्जिकल पैकेज केवल सरकारी अस्पतालों के लिए सुरक्षित कर दिए थे। इसके तहत अब निम्न बीमारियों का इलाज निजी अस्पतालों में नहीं होगा-
मोतियाबिंद की आधुनिक सर्जरी
गर्भाशय निष्कासन
गंभीर फेफड़े की बीमारी
उल्टी-दस्त व पेट संबंधी समस्या
पित्ताशय निकालने की सर्जरी
घुटना प्रत्यारोपण
कान के पर्दे की मरम्मत
हर्निया ऑपरेशन
अपेंडिक्स ऑपरेशन
एडेनॉइड ग्रंथि निष्कासन
बवासीर की सर्जरी
टॉन्सिल ऑपरेशन
अंडकोष में पानी का इलाज
अग्रचर्म निष्कासन
5 फरवरी से पूरे जिले में सर्जिकल सप्ताह शुरू हो रहा है। सभी सरकारी अस्पतालों में रोजाना ऑपरेशन किए जाएंगे। मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार मिले, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। - दीपक गोयल, प्रवक्ता, सिविल अस्पताल, करनाल।
-