जिला प्रशासन ने बुधवार को रेलवे ओवरब्रिज के नीचे नई अनाज मंडी की ओर जाने वाले मार्ग पर बनी अवैध मीट मार्केट पर जेसीबी चलाई। प्रशासनिक अमले ने तीस से अधिक दुकानें ढहाई गिराईं। प्रशासन की इस कार्रवाई में दुकानदारों का काफी सामान मलबे में दब गया। अवैध मीट मार्केट के साथ-साथ पुरानी अनाज मंडी में कुछ वर्ष पूर्व गिराई गई दुकानों के मलबे के ऊपर किए जा रहे निर्माण को भी ढहा दिया गया। इस पूरी कार्रवाई से कई दुकानदारों में दिन भर हड़कंप मचा रहा। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन द्वारा इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
दोपहर करीब दो बजे प्रशासनिक अमला ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार रोशन लाल, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती, डीएसपी रविंद्र तोमर, सेनेटरी इंस्पेक्टर कर्मचंद के नेतृत्व में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे जींद रोड की ओर स्थित मार्केट में पहुंचा। यहां बनाई गई लगभग सभी मीट की दुकानों को ढहा दिया। मीट की दुकानों के अलावा साइकिल रिपेयर, ढाबा, मिठाई के खोखो को भी नहीं बख्शा गया। कुछ लोगों ने विरोध का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल के आगे किसी की नहीं चली। प्रशासन ने पहले लोगों को सामान निकालने का समय दिया, लेकिन दो घंटे तक इंतजार के बाद पीला पंजा चला दिया।
बीच में छोड़ने पर किया विरोध
प्रशासन ने आरओबी के नीचे की दुकानों और मंडी की ओर कुछ दुकानों को गिराने के बाद कार्रवाई बंद कर दी, तभी महिलाएं रोष प्रकट करते हुए अधिकारियों के पास पहुंची और शेष दुकानों को भी गिराने की मांग की। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने विचार-विमर्श कर अनाज मंडी की ओर जाने वाले मार्ग पर भी दुकानों को ढहाने का फैसला किया। बाद में करीब 10 से ज्यादा दुकानों को पीले पंजे की सहायता से गिरा दिया। यहां एक मकान भी बना हुआ था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने रिहायशी निर्माण को नहीं गिरवाया। इस कार्रवाई के दौरान दुकानों के अंदर लोगों का काफी सामान अंदर ही रह गया जो पीले पंजे की कार्रवाई के कारण मलबे में तब्दील हो गया।
पुरानी अनाज मंडी में दोबारा कार्रवाई
पुरानी अनाज मंडी में प्रशासन ने कुछ दिन पहले दुकानें गिराई थीं लेकिन लोगों ने फिर से यहां पर निर्माण कार्य शुरू कर दिए थे। प्रशासन ने बुधवार को इन निर्माणों को दोबारा से ढहा दिया। मार्केट कमेटी के उप सचिव सतबीर राविश की मौजूदगी में इसी प्रशासनिक अमले ने पुरानी अनाज मंडी में पड़े मलबे पर हो रहे निर्माण को ढहा दिया। राविश ने कहा कि यहां प्रशासन द्वारा पूर्व में बनी दुकानों को गिरा दिया गया था लेकिन अब मलबे पर फिर से निर्माण किया जाने लगा, जिस कारण इस मलबे को ही यहां से हटाया जा रहा है। दुकान मालिक ने कागजात दिखाकर कार्रवाई को रोकने की मांग की लेकिन प्रशासनिक अमला नहीं रुका।
दुकानों के आगे कैंटर खड़ा कर दिया
एक दुकानदार ने अपनी दुकानों के सामने कैंटर खड़ा कर इन्हें बचाने का प्रयास किया गया। चाबी गुम होने की बात कहते हुए कैंटर को दुकानों के आगे से नहीं हटाया गया जिस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने जैसे ही जेसीबी से कैंटर हटाने का फैसला लिया तो तुरंत चाबी निकालते हुए कैंटर को हटाया।
पहले चेतावनी दी थी
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती ने कहा कि परिषद को आरओबी के नीचे और मंडी की ओर जाने वाली सड़क पर अवैध रूप से मीट की दुकानें खोले जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इन लोगों को पहले भी चेतावनी दी गई थी लेकिन नियमों की पालना न होने के कारण अवैध दुकानों को हटाया गया है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार रोशन लाल ने कहा कि डीसी के निर्देशानुसार शांतिपूर्वक तरीके से दुकानों को गिराने एवं मलबे को हटाने की कार्रवाई की गई है।