फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कॉलोनी वैध कराने को निगम में डाला डेरा

Tue, 04 Oct 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
विज्ञापन
लोगों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
करनाल शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने की मांग को लेकर सोमवार को बसंत विहार कॉलोनी निवासियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मोर्चे की कमान खुद महिलाओं ने संभाली। हजारों लोगों ने वार्ड के पार्षद राकेश कुमार बाघ सिंह के नेतृत्व में सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जुलूस निकाला और सुबह 11 बजे बजे निगम परिसर के अंदर डेरा जमा लिया। उनके जुलूस में शहर की कई अन्य अवैध कॉलोनियों के निवासी भी शामिल हुए और जमकर नगर निगम के खिलाफ भड़ास निकाली। धरने के दौरान महिलाओं के दिल का दर्द जुबां पर आया।
विज्ञापन


महिलाओं ने एक सुर में कहा, खट्टर साहब आपने तो खुद ब्याह नहीं कराया, म्हारे बालकां कंवारे क्यों राखो सो। हजारों की संख्या में लोगों ने सुबह से शाम तक निगम में धरना दिया। हालांकि, निगम के आयुक्त ने धरने पर बैठे लोगों को सीएम से बातचीत के बाद आश्वासन दिया कि अगले माह कॉलोनियों को वैध कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, बावजूद इसके गुस्साए लोग नहीं माने। लोगों ने चेतावनी दी है कि उनका धरना अनिश्चितकालीन है। जब तक कॉलोनी वैध नहीं होगी, वे धरने पर जटे रहेंगे।  

गौरतलब है कि पार्षद बाघ सिंह व कॉलोनी निवासियों ने पहले से घोषणा कर रखी थी कि वे तीन अक्टूबर से निगम में धरने पर बैठेंगे। सुबह 9 बजे बसंत विहार से हजारों की संख्या में महिलाएं व पुरुष घरों से निकल सड़कों पर उतर आए। पार्षद के नेतृत्व में आईटीआई चौक से होते हुए, एनडीआरआई चौक से होते हुए नगर निगम में पहुंचे। इस दौरान लोगों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।  
विज्ञापन


डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सीएम को खुद वसंत विहार में जाकर देखना चाहिए कि वहां कितनी गंदगी है और लोग कैसा पानी पीते हैं। दोपहर को निगम के आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने सीएम के नाम पर आश्वासन देकर धरना समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। बाद में फैसला लिया गया कि रोजाना  दस से शाम चार बजे तक अवैध कालोनियों के निवासी धरना देंगे। शाम चार बजे सभी अपने घरों के लिए रवाना हो गए। धरना प्रदर्शन के दौरान डिप्टी मेयर मनोज वधवा, पार्षद मोहित कांबोज, पार्षद कमलेश लाठर, पार्षद राकेश कुमार बाघ सिंह सहित शहर की हकीकत नगर, दुर्गाकालोनी, राजीव पुरम, वसंत विहार, पालनगर, डीसी कॉलोनी, विकास नगर, महावीर कॉलोनी, आरकेपुरम, विकास कालोनी सहित अन्य अवैध कॉलोनियों के हजारों लोग मौजूद रहे।

निगम में ही त्योहार मनाएंगी महिलाएं
राजीव पुरम की बाला देवी ने कहा कि अवैध कॉलोनी का दंश अब उनके रिश्तों को झेलना पड़ रहा है। पहले तो अवैध कॉलोनी के नाम सुनकर उनके बच्चों के रिश्ते नहीं होते थे, लेकिन अब रिश्ते टूटने भी लगे हैं और कॉलोनी के जो बच्चे विदेशों मे चले जाते हैं या अन्य शहरों में नौकरी लग जाते हैं वह कभी वापस नहीं आते। सोमवार को सैकड़ों महिलाएं अपने घरों से व्रत रखकर नंगे पैर निगम परिसर में कॉलोनियों को वैध करवाने की मांग को लेकर पहुंची।
महिला सुनीता चौधरी, संतोष, दुर्गा, राधा, शीला, अंजू, सुधा रानी, सुमन, कृष्णा आदि ने कहा कि जब तक उनकी कॉलोनी वैध नहीं होगी वह धरने से नहीं उठेंगी। महिलाओं ने कहा कि जल्दी सरकार ने मांगें नहीं मानी तो वह दुर्गा और चंडी का रूप भी धारण कर लेंगी। उन्होंने कहा कि वह अब पीछे नहीं हटेंगी यहीं दशहरा मनाएंगी, यहीं करवा चौथ का व्रत रखेंगी और दीपावली भी यहीं मनेगी।

पहले दिन डिप्टी मेयर समेत चार पार्षद आए साथ
अलग-अलग वार्डों के पार्षदों के साथ हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने जमकर नारेबाजी की। वार्ड एक के पार्षद राकेश कुमार बाघ सिंह के नेतृत्व में वसंत विहार के निवासी, पार्षद कमलेश लाठर के नेतृत्व में दुर्गा कॉलोनी, राजीव पुरम सहित अन्य कई कॉलोनियों के लोग, वहीं पार्षद मोहित कांबोज के नेतृत्व में वार्ड 6 की कॉलोनियों के निवासी निगम परिसर पहुंचे। जहां पहुंचने पर डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने भी धरने का समर्थन किया। वही, उम्मीद की जा रही है कि आगामी दिनों में अन्य पार्षद भी इस मुद्दे को लेकर एक साथ खड़े हो सकते हैं?

क्या कहना है कॉलोनीवासियों का
धरने पर बैठी राजीव पुरम से आई बाला देवी ने कहा कि खट्टर साहब आपने तो ब्याह करवाया नहीं, म्हारे बालकां का के कसूर सै। कॉलोनी में सुविधाएं न होने के कारण उनके बच्चों के रिश्ते भी नहीं हो रहे हैं। इसका दर्द वही समझ सकते है, लेकिन खट्टर साहब के तो बच्चे नहीं हैं। उनको क्या पता बच्चों के रिश्ते न होने से माता-पिता को कितना दुख होता है। वसंत विहार निवासी राजेंद्र आर्य ने कहा कि सीएम साहब ने 5 करोड़ की गाड़ी ली है। जोकि साफ सड़कों पर दौड़ती है। सीएम साहब को एक बार अपनी गाड़ी वसंत विहार की सड़कों पर भी लेकर आनी चाहिए ताकि उन्हें भी पता लग सके कि यहां की सड़कें कैसी है। राजेंद्र आर्य ने कहा कि चुनाव के समय सीएम मनोहर लाल ने कहा था कि वह सरकार बनने पर पहली कलम से अवैध कॉलोनियों को वैध करवाएंगे। लेकिन दो साल बीत गए उन्हें सीएम खट्टर की उस कलम का इंतजार है। आर्य नेे कहा कि सीएम को जल्द चाइना, अमेरिका, इंग्लैंड जहां से भी कलम बनवानी है जल्दी बनवाकर उनकी कॉलोनियों को वैध करना चाहिए। वसंत विहार वासी डॉक्टर बलबीर ने बताया कि सुविधाएं न होने के कारण वसंत विहार नरक विहार के नाम से जाना जाने लगा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को डेंगू हो जाए तो डॉक्टर पूछते है कि वसंत विहार के रहने वाले हो क्या। उन्होंने कहा कि वहां के लोग सरकार को हजारों रुपये का टैक्स देते है फिर भी उनकी कॉलोनी में कोई भी सुविधा नही है। 32 हजार की आबादी गंदगी में रहने को मजबूर है।

अवैध कॉलोनियों में ये समस्याएं
1. पीने के पानी की सुविधाएं नहीं है।
2. सीवरेज की सुविधा न होने से गंदगी ज्यादा फैल रही है।
3. बरसात का पानी खड़ा होने से मच्छरों की भरमार है।
4. गलियां कच्ची है, बरसात के दिनों में निकलना मुश्किल हो जाता है।
5. गलियों में खंभों पर स्ट्रीट लाइटें न होने से चोरी होने लगी है।
6. गंदगी के ढेर लगे रहते है, जिनसे अनेकों बीमारियां फैल रही है।
7. बच्चों के लिए स्कूल की सुविधा नहीं है।

सरकार को भेजा था 50 कॉलोनियों का प्रपोजल
नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों ने सहमति से 66 अवैध कॉलोनियों का सर्वे करवाने के बाद 50 कॉलोनियों का प्रपोजल सरकार के पास भेजा था, जोकि वैध होने का लक्ष्य पूरी करती है। इनका प्रपोजल सरकार को भेजा गया है उनमें वसंत विहार, कृष्णा कांपलेक्स, जीवन विहार, इंदिरा कॉलोनी झंझाडी, लोधा गामड़ी, पाम विहार, एसपी कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, ओल्ड दुर्गा नगर, दुर्गा कॉलोनी, उत्तम कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, पृथ्वी विहार, एमसी कॉलोनी, अशोक विहार, कृष्णा कॉलोनी, गोपीवाली गामड़ी, विकास नगर, भट्ट कॉलोनी, लवकुश कॉलोनी, श्री राम कॉलोनी, महावीर कॉलोनी, हकीकत नगर, गप्पु वाला बाग, विजयनगर, सैदपुरा, संजय कॉलोनी, प्रीतमपुरा, आरके पुरम, आरकेपुरम पार्ट-2, दयानंद कॉलोनी, रोड़ कालोनी, कनिका विहार, सुरज नगर, विकास कॉलोनी, राजीव पुरम, मोती नगर एक्सटेंशन, नालापार, जनकपुरी, इंदिरा कॉलोनी बांसो गेट, मंगल कॉलोनी, डेहा बस्ती, गीता कॉलोनी, न्यू वाल्मीकी कॉलोनी, डिंगाखेड़ा, गुरूनानकपुरा, यमुना विहार, और पालनगर शामिल है।

वर्जन
यह अकेले बसंत विहार का मुद्दा नहीं है, शहर की 50 कालोनियों का मामला है। इसलिए लोगों को अपने घरों से निकलकर इस आंदोलन में शामिल होना चाहिए। क्योंकि अवैध का नाम लेकर प्रशासन इन कालोनियों में कोई भीज सुविधा नहीं देता है। लेकिन हर बार इनका वोट जरूर लिया जाता है। संघर्ष समिति ने फैसला लिया है कि जब तक कालोनियां वैध नहीं हो जाती, तब तक रोजाना हजारों लोग निगम परिसर में सुबह दस से शाम चार बजे तक धरना देंगे।
- राकेश कुमार बाघ सिंह, पार्षद।
वर्जन
कॉलोनियों को वैध करवाने की मांग जायज है। शहर की 66 कॉलोनियों में से 50 कॉलोनी को वैध करने की फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी हुई है। इस मामले में उन्होंने उच्चाधिकारियों से बात की है। इसी माह में कॉलोनियों की अप्रूवल का प्रोविजनल नॉटिफिकेशन जारी होगा और उनकी बात जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से हो गई है। नोटिफिकेशन आते ही विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। लोगों को भी विकास शुल्क जमा करवाना पड़ेगा और एक साल बाद पक्की रेगुलराइजेशन हो जाएंगी।  
विज्ञापन

- डॉ. आदित्य दहिया, निगम आयुक्त।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें