निगदू। गांव में अवैध कॉलोनियां भी बड़ी समस्या बन गई हैं। गांव और आसपास की कृषि भूमि को बिना उचित अनुमति के छोटे-छोटे प्लॉटों में काटकर बेचा जा रहा है। इसके चलते जमीनों के दामों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान करीब 10 गुना तक वृद्धि हुई है। आम आदमी के लिए निगदू में छोटा सा प्लॉट खरीदना भी मुश्किल होता जा रहा है। इसके साथ ही अवैध कॉलोनियों में जनसुविधाओं की कमी से भी लोग परेशान हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां गांव के बाहरी क्षेत्रों में जमीन बेहद कम दामों पर उपलब्ध थी, वहीं अब वही जमीन लाखों और करोड़ों रुपये में बेची जा रही है। बढ़ती मांग और लगातार हो रही प्लॉटिंग के कारण जमीन खरीदने वालों की भीड़ बढ़ी है। कई लोग खेती की जमीन को निवेश का साधन बनाकर बार-बार खरीद और बिक्री कर भारी मुनाफा कमा रहे हैं। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ पूंजीपति और बड़े निवेशक पहले कम दामों में जमीन खरीद लेते हैं और बाद में उसे छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटकर कई गुना अधिक कीमत पर बेच देते हैं।
प्रशासन की कार्यप्रणाली जांच के घेरे में
अवैध कॉलोनियों के बढ़ते जाल से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई स्थानों पर बिना सड़क, सीवरेज, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के ही प्लॉट बेचे जा रहे हैं। नियमों की अनदेखी कर कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। - शशिपाल
अनियोजित शहरीकरण है बड़ी समस्या
यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में निगदू क्षेत्र में अनियोजित शहरीकरण बड़ी समस्या बन सकता है। प्रशासन अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई करे। जमीनों की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। - दिनेश छाबड़ा
जमीन को निवेश का साधन बनाया
बाहरी क्षेत्रों में जमीन बेहद कम दामों पर उपलब्ध थी लेकिन अब लाखों और करोड़ों रुपये में बेची जा रही है। लगातार हो रही प्लॉटिंग के कारण जमीन में निवेश करने वाले बढ़े हैं। कई लोग खेती की जमीन को निवेश का साधन बनाकर बार-बार खरीद और बेच रहे हैं। - मुकुल शर्मा