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चौराहा बनाने में मानकों की अनदेखी बनी वाहन चालकों के लिए खतरा

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गगन तलवार
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करनाल। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए करनाल-कैथल राजमार्ग को चौड़ा कर चार लेन किया गया है। लोग सुरक्षित सफर कर सकें, इसलिए प्रदेश सरकार ने 175 करोड़ रुपये परियोजना पर खर्च किए लेकिन विभाग की कार्यशैली ऐसी है कि परियोजना की शुरुआत में पहला चौक ही गलत बना दिया। जो अब वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। 09 नवंबर को सीएम मनोहर लाल ने इस परियोजना का उद्घाटन किया था।
कैथल रोड पर पश्चिमी यमुना नहर से ठीक पहले बने चौक का चबूतरा सड़क सुरक्षा के मानकों के अनुरूप नहीं है। सड़क की चौड़ाई के हिसाब से इस चबूतरे की चौड़ाई भी ज्यादा है और यह बना भी गलत जगह पर है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ इसे खतरनाक बता रहे हैं। उनका कहना है कि कैथल की ओर जाने वाले प्रत्येक वाहन को चबूतरे से तीव्र मोड़ लेकर नहर पुल पर चढ़ना पड़ता है।
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सड़क की सीध में नहर है। ऐसे में यदि जरा भी वाहन का संतुलन बिगड़ा तो वाहन सीधे नहर में गिरेगा। ब्लाइंड मोड़ के कारण धुंध के मौसम में हादसा होने की संभावना ज्यादा है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव का भी मानना है कि चौक मानकों के अनुसार नहीं बना है। चौक से 24 घंटे में कैथल, असंध और जींद की तरफ जाने वाले करीब 40 हजार वाहन गुजरते हैं।
नहर किनारे दीवार बनाई न अन्य जरूरी इंतजाम किए
परियोजना के तहत सड़क को चौड़ा करने के लिए नहर पर एक पुल और बनाया गया है। जिसका इस्तेमाल कैथल की ओर से जाने वाले ट्रैफिक के लिए किया जाता है। इस पुल के साथ नहर की बाउंड्री पर न तो दीवार बनाई गई है न अन्य सुरक्षा इंतजाम हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेजपाल और शुभम भारद्वाज ने बताया कि चबूतरे की चौड़ाई ज्यादा होने के कारण यहां सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं, नहीं तो हादसा हो सकता है।
ऐसे बनना चाहिए था चबूतरा
सड़क और नहर पुलों की चौड़ाई करीब 15-15 फीट है। जबकि चबूतरे की चौड़ाई 30 फीट से ज्यादा है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ शुभम और एडवोकेट राजकुमार ने बताया कि यहां पर महज 10 फीट तक का ही चबूतरा बनाया जाना चाहिए। यह चबूतरा भी अप और डाउन की दोनों सड़कों और नहर पुल के मध्य में होना चाहिए। ताकि चौक से दूसरी तरफ से आ रहा वाहन भी चालक को दिखाई दे। लेकिन यहां पर इस सुरक्षा नियम का पालन नहीं हुआ है। चबूतरे का 80 प्रतिशत हिस्सा कैथल की तरफ जाने वाली सड़क पर है। इसलिए सीधी सड़क पर तीव्र मोड़ बन गया है।
बड़े वाहनों के कारण लग रहा जाम
चबूतरे की चौड़ाई जरूरत से ज्यादा होने और गलत बनने के कारण कई वाहन तो गलत दिशा में चलते हैं। इसके अलावा बड़े एवं भारी वाहनों को चौक पार करते समय रफ्तार धीमी करनी पड़ती है, क्योंकि चबूतरे के साथ से नहर पुल पर चढ़ते हुए सड़क की चौड़ाई भी कम है। ऐसे में वाहनों के रुकने से जाम की स्थिति भी बनती है। वहीं नहर पुल से लेकर खेड़ी नरू गांव के मोड़ तक विभाग की ओर से सड़क पर अंतिम लेयर भी नहीं बिछाई है। इससे निर्माण अधूरा है।
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रि-डिजाइन करेंगे चौक, चबूतरा है गलत : डीसी
नहर से पहले बने चौक का चबूतरा पीडब्ल्यूडी ने उद्घाटन से पहले तैयार किया है। इसकी चौड़ाई ज्यादा होने और गलत जगह पर होने का मामला उनके संज्ञान में है। सड़क सुरक्षा के मानकों के अनुसार इसे रि-डिजाइन किया जाएगा। यहां सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम भी पूरे किए जाएंगे।
-निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल
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