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Karnal News: नारी शक्ति को मिले सम्मान तो और ऊंची होगी सफलता की उड़ान

Sun, 19 Apr 2026 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में अपनी बात रखती महिलाएं। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। नारी शक्ति का सम्मान, समानता और उनके लिए सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। जब इस दिशा में परिवार, सरकार और प्रशासन की ओर से प्रयास होंगे तो बेटियां और महिलाएं सफलता की और ऊंची उड़ान भर सकेंगी। शहर की प्रबुद्ध महिलाओं ने शनिवार को अमर उजाला कार्यालय में संवाद कार्यक्रम में यह विचार रखे।
संवाद में उन्होंने महिला सशक्तिकरण, महिलाओं से जुड़ी सुविधाएं और शहर के विकास संबंधित मुद्दों पर सुझाव भी दिए। कहा कि स्वच्छता की दिशा में अभी काम करने की जरूरत है। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में भी डॉक्टरों की कमी है। इसे दूर किया जाना चाहिए। प्रशासन की ओर से तनाव कम करने के लिए व नई पीढ़ी के रिश्ते बचाने के लिए काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए जाने चाहिए।
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एक रेस्तरों की एमडी पूनम गोयल ने कहा कि महिलाएं आगे तो बढ़ रही हैं लेकिन वे स्वयं के निर्णय लेने के लिए आज भी पुरुषों पर निर्भर हैं। चाहे वह राजनीति हो या व्यापार। महिलाओं को जागरूक किया जाना चाहिए। शिक्षिका ममता प्रवीन ने कहा कि शिक्षकों को केवल शैक्षणिक कार्य ही दिए जाएं। भले ही ड्यूटी टाइम बढ़ जाए। अन्य कार्याें में लगाकर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
पूर्व पार्षद रजनी परोचा ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर बच्चों में संस्कार देने की पहल शुरू हो। स्कूलों में विशेष संस्कार कक्षाएं लगें। ताकि बच्चों को सही गलत का पता चले। अधिवक्ता मीनाक्षी ने कहा कि तलाक के मामले बढ़ रहे हैं, इनमें सबसे अधिक नवदंपति हैं। सहनशक्ति बढ़ानी होगी और विवाह बचाने के लिए प्रशासन स्तर पर काउंसिलिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। प्राध्यापक पूनम पांचाल ने कहा कि महिला स्वास्थ्य पर सरकार को काम करने की जरूरत है। आज के समय में भी महिला चिकित्सकों की उपमंडल स्तर पर कमी है।

तनाव बढ़ रहा, काउंसिलिंग की व्यवस्था हो
राधिका ने कहा कि मानसिक अवसाद बड़ी समस्या बन गई है। इसके लिए कंपनियों, संस्थानों के अलावा निजी तौर पर प्रयास करने होंगे। क्योंकि सभी बीमारियों और गलत कदमों की जड़ तनाव है। रोटरी क्लब की अध्यक्ष गौतम जैन ने भी इसी विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि रिश्ते और घर बचाने के लिए शादी से पहले में लड़के व लड़की की काउंसिलिंग होनी चाहिए। समाज की सोच को बदलने के लिए सभी को आगे आना होगा।




रोजगार और सुरक्षा पर और काम की जरूरत
- फैशन डिजाइनर मोनिका का कहना है कि महिलाओं के स्वरोजगार पर अभी सरकार को काम करने की जरूरत है। सिलाई, कढ़ाई और फैशन डिजाइनिंग से जुड़े रोजगार पर विशेष प्रशिक्षण दिए जाने चाहिए। भारती भारद्वाज बोलीं कि महिला सुरक्षा की दिशा में प्रयास होना चाहिए। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़नी चाहिए ताकि एकांत में भी महिलाएं एवं बेटियां सुरक्षित महसूस कर सकें।
पिंच शौचालय और विशेष बसों की संख्या बढ़े



- उद्यमी तपस्या ने शहर में पिंक शौचालयों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि निगम को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। इन शौचालयों में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनों की विशेष सुविधा दी जानी चाहिए। छात्रा रुमा ने महिलाओं के लिए विशेष बसें चलाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण मार्ग पर अभी भी बसों का अभाव है तो कुछ जगह छात्रों के लिए बस रुकती नहीं हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण पर भी हुई बात
- उद्यमी अनिता गुप्ता का कहना है कि कई जगह गंदगी का आलम है। स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए निगम को काम करने की जरूरत है। - शिक्षिका कीर्ति का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण महत्वपूर्ण विषय है। लोग पर्यावरण को बचाने के लिए पौध तो लगा रहे हैं लेकिन उनके रखरखाव के लिए भी सख्त नियम होने चाहिए। ताकि हरियाली बढ़े।
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- छात्रा सविता का कहना है कि बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए ग्रामीण परिवेश के लोगों की सोच बदलने की जरूरत है। आज भी कई जगह बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं भेजते। स्टार्टअप संचालक रीति का कहना है कि कॉलेज युवतियों को कॅरिअर के चुनाव के लिए काउंसिलिंग की विशेष व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि उनका मार्गदर्शन हो और वे रोजगार या स्टार्टअप पर विचार कर सकें।
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