- पुराने बस अड्डे पर रोडवेजकर्मी के माइक से पुलिस को आवाज लगाते ही भाग खड़े होते हैं शरारती तत्व
- पुलिस चौकी बंद हो जाने के बाद स्थिति को संभालने के लिए माइक का सहारा ले रहे रोडवेजकर्मी, पुलिस नदारद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पुलिस साहिबान, मेरी आवाज सुन रहे हें तो तुरंत प्रतीक्षालय क्षेत्र में रिपोर्ट करें और स्थिति संभालें..। माइक पर रोडवेज कर्मी की ऐसी मुनादी सुनते ही शरारती तत्व और मनचले भाग खड़े होते हैं। यह स्थिति है पुराना बस अड्डा क्षेत्र की। जहां पूछताछ केंद्र व अन्य जगहों पर लगे पब्लिक एड्रेसल सिस्टम से दिनभर रोडवेज के कर्मचारी ऐसी मुनादी करते हैं।
पुलिस चौकी बंद हो जाने के बाद अब शरारती तत्वों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उनके पास यही एक सहारा है। ऐसे में वे कई बार तो सफल हो जाते हैं तो कई बार शरारती तत्व विवाद होने पर मारपीट और झगड़ा तक कर लेते हैं। ज्यादातर बार ऐसा भी होता है कि रोडवेज कर्मी मुनादी ही करते रह जाते हैं और बस अड्डा परिसर में कोई पुलिसकर्मी होता ही नहीं।
सोमवार को भी दोपहर के समय कई बार ऐसी मुनादी बस अड्डा परिसर में सुनाई थी। उस समय में भी प्रतीक्षालय और सीतामाई, नरुखेड़ी, यमुनानगर सहित अन्य बस काउंटर पर युवाओं की भीड़ जमा थी। मुंह पर परना ढके युवाओं की भीड़ इधर-उधर दौड़ रही थी। ऐसे में छात्राओं के प्रतीक्षा कक्ष के बाहर भीड़ को देखते हुए रोडवेजकर्मियों को मुनादी करना पड़ रहा था। इधर, जिस समय मुनादी की जा रही थी, उस समय बंद हो चुकी पुलिस चौकी में कुछ होमगार्ड और ट्रैफिक पुलिस के जवान भी बैठे थे। लेकिन उन तक यह आवाज पहुंची ही नहीं। ऐसे में वे आराम ही फरमाते रहे। ब्यूरो
बस अड्डा परिसर की स्थिति बेहद खराब
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि बस अड्डा परिसर की स्थिति बेहद खराब है। शरारती तत्वों और मनचलों का जमावड़ा होने से यहां रोजाना कोई न कोई वारदात होती है। दिन में कम से कम दो बार मारपीट और झगड़े का मामला भी सामने आ चुका है। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के डिपो प्रधान कृपाल सिंह लाडी, हरियाणा रोडवेज महासंघ के प्रधान मनोज कुमार, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष सुरेश कश्यप संगोही, हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के डिपो प्रधान अजमेर सिंह और हरियाणा रोडवेज इंटेक यूनियन के डिपो प्रधान अंजेश ने प्रशासन से दोबारा पुराना बस अड्डा परिसर पुलिस चौकी शुरू करने की मांग की है।
चौकी बंद होने के बाद से बढ़ा अपराध
विदित हो कि जून 2023 से पुराना बस अड्डा परिसर की पुलिस चौकी बंद है, तब से यहां पर अपराध बढ़ा है। वाहन चोरी, छेड़छाड़, मारपीट और झगड़ों के रोजाना कई मामले सामने आते हैं। इनमें से ज्यादातर मामलों में पुलिस तक शिकायत भी नहीं पहुंचती। इसके अलावा मई माह में ही चाकू व तलवार चलने के भी तीन मामले सामने आ चुके हैं। मई माह में ही दो बार यहां चाकू चले हैं, जिनमें युवक घायल हैं।