लॉकडाउन के कारण पैदा हुई आर्थिक तंगी अब जानलेवा हो चली है। खेड़ा कालोनी निवासी एक मजदूर युवक जिस कमरे में रहता था, उसका किराया तक नहीं चुका पा रहा था। परेशान होकर उसने कमरे में ही पंखे के हुक में फंदा लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि मकान मालिक किराए को लेकर उसे परेशान कर रहे थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। वहीं मां की शिकायत के आधार पर मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
डेहा बस्ती निवासी बिमला ने सिटी थाना पुलिस को शिकायत देकर बताया कि बीमारी के कारण वह घर पर अपने दो लड़कों के साथ रहती है। सबसे बड़ा लड़का मानसिक तौर पर असामान्य है। दूसरा लड़का मजदूरी करता है। सबसे छोटा बेटा दुल्ली चंद खेड़ा कालोनी में किराये के घर में रहता है और अविवाहित था। दुल्ली चंद हलवाई के पास दिहाड़ी का काम करता था लेकिन लॉकडाउन के कारण दिहाड़ी नहीं लग पा रही थी, जिसके चलते मकान का किराया नहीं दे सका। मकान मालिक उसे किराए के लिए परेशान करते थे जिससे वह परेशान रहने लगा था। दुल्ली चंद ने रात में अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के अनुसार उन्हें खेड़ा कालोनी में एक व्यक्ति द्वारा अपने किराये के कमरे में फांसी लगाने की सूचना मिली थी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने जब दरवाजे को धकेल कर खोला तो छत के अंदर बनी कुंडी में दुल्ली चंद लटका था। उसने तार का फंदा बनाया था। एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंच साक्ष्य जुटाए।