- रामनगर में श्रीराम कथा में कथाव्यास प्रेमसागर ने सुनाई मेघनाथ-रावण वध की कथा
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर के रामनगर स्थित शिव मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में कथाव्यास प्रेम सागर पथिक ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने प्रत्येक लीला में धर्म की मर्यादा का पालन किया है। उनकी कथा से सबसे बड़ी सीख यही है कि हम अपने धर्म की मर्यादा का पालन करें। हम सब यदि मर्यादा निभाएंगे तो सामाजिक कुरीतियां स्वत: ही खत्म हो जाएंगी।
कथा व्यास ने संगीतमय श्रीराम कथा में सोमवार को मेघनाथ वध और रावण वध का प्रसंग सुनाया। दोनों प्रसंगों में किन किन लोगों ने मर्यादा का पालन किया और किसने मर्यादा तोड़ी। उन्होंने कहा कि मर्यादा तोड़ने वालों को समाज में कभी भी सम्मान नहीं मिलता है, हमारे धर्मग्रंथ भी यही सीख देते हैं। कथा व्यास ने कहा कि जीवन में संयम हो, सदाचार हो और मर्यादा का पालन हो तो जीवन संवरता है। मानव का जीवन शास्त्र मर्यादा के अनुसार होना चाहिए। भगवान श्रीराम का अवतरण भारत भूमि पर अधर्म का नाश और धर्म का स्थापना करने के लिए हुआ था। प्रभु श्रीराम सभी सद्गुणों के भंडार हैं। मातृभक्ति, पितृ भक्ति, भातृ प्रेम, प्रजा से स्नेह, मधुर वाणी, सदाचार का श्रीराम में समावेश है। हर मनुष्य को भगवान श्रीराम की लीला और मर्यादा का पालन करना चाहिए, जो भवसागर से तारने वाला है।
राम कथा के आयोजक मंडली की सदस्य सुरेश कुमारी ने बताया कि कथा का समापन दो जुलाई को हवन के बाद होगा। कथा को सफल बनाने में कुल भूषण अरोरा,ओम प्रकाश भाटिया, उषा भाटिया, उषा नागपाल, राधा रानी, रिया, दिया, मुस्कान रेणु अरोरा सरिता, नीरू का विशेष सहयोग रहा।