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Karnal News: दोनों पक्ष लंबित मुकदमा निपटाना चाहें तो लोक अदालत में जाएं

Tue, 10 Mar 2026 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिले की अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों को अगर दोनों पक्ष निपटाना चाहते हैं तो वो 13 मार्च तक अधिवक्ता के माध्यम से मुकदमे को लोक अदालत में रखवा सकते हैं। 14 मार्च को वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए जिला न्यायिक परिसर, असंध, घरौंडा और इंद्री में लोक अदालत आयोजित होंगी, इसमें लंबित और पारिवारिक सहित अन्य मामलों का निपटान होगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में करनाल न्यायिक परिसर में न्यायाधीशों की छह बेंच और असंध, इंद्री और घरौंडा में एक-एक बैंच सुनवाई करेगी। वहीं एक दिन पहले यानी शुक्रवार को प्री लोक अदालत में भी आपसी सहमती से मुकदमों का निपटारा किया जाएगा।

राष्ट्रीय लोक अदालत में आम नागरिक आपसी सुलह और समझौते के आधार पर स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से लंबित मामलों को लोक अदालत में रखवा सकता है। इसके लिए जिला न्यायिक परिसर में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक वर्ष चार लोक अदालत आयोजित की जाती हैं। इनमें वर्षों पुराने मामलों को आसानी से निपटाया जाता है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. इरम हसन ने बताया कि पिछली लोक अदालत में वर्षों पुराने घरेलू कलह के मामलों का निपटारा हुआ है। इनमें पति-पत्नी तलाक चाहते थे। ऐसे मुकदमों का निपटारा होने के बाद दोनों एक साथ रह रहे हैं। इसके अलावा मोटर व्हीकल चालान के मामलों का निपटान भी ज्यादा होता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में किसी मुकदमे की सुनवाई की जाती है तो वह हमेशा के लिए सुलझ जाता है। इसमें कहीं भी दोबारा अपील नहीं की जा सकती है।
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हेल्प डेस्क से मिलेगी जानकारी

जिला न्यायिक परिसर में रोजाना हेल्प डेस्क के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। हेल्प डेस्क के माध्यम से लोक अदालत में मुकदमे की प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है। यहीं चालान के आवेदन फार्म भी भरे जा रहे हैं, यदि किसी का चालान है तो वह पहले अदालत में जाकर अपने चालान के लिए आवेदन करे, जिसमें आवेदन के बाद चालान को मंगवा लिया जाता है। इसके बाद आवेदक को केवल राष्ट्रीय लोक अदालत में पेश होना होगा।
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बिना अधिवक्ता कर सकते हैं अपील

अदालत में चल रहे मामले में जिन लोगों के पास अधिवक्ता नहीं हैं, वह दो तरीकों से कोर्ट में अपील कर सकते हैं। वह अपने मामले से संबंधित कोर्ट में जाकर लोक अदालत में मुकदमा लगवाने की अपील कर सकता है। एससी/एसटी वर्ग के लोग, महिलाएं, गरीब परिवार, वे लोग जो पुलिस कस्टडी में हैं, बच्चों से संबंधित मामले और बुजुर्गों के मामलों के लिए सीधे एडीआर केंद्र में आकर अपील कर सकते हैं। पारिवारिक आय तीन लाख से कम होने पर ही एडीआर केंद्र से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद मामले की सुनवाई लोक अदालत में की जाएगी।
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