नागरिक अस्पताल में अब आईसीयू के मरीजों को रेफर नहीं किया जाएगा। दस बेड के आईसीयू वार्ड के लिए नागरिक अस्पताल को मंजूरी मिल गई है। इस सुविधा का यहां सालों से इंतजार था। अस्पताल के अधिकारियों ने आईसीयू वार्ड को बनाने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इससे पहले नागरिक अस्पताल में आईसीयू वार्ड की सुविधा नहीं थी। हालांकि कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में आईसीयू वार्ड है लेकिन वहां बेड की कमी के चलते नागरिक अस्पताल के मरीजों को चंडीगढ़ या रोहतक पीजीआई रेफर किया जाता था या परिजनों द्वारा मरीजों को किसी प्राइवेट अस्पताल में ही दाखिल कराया जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नागरिक अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को आईसीयू वार्ड में दाखिल किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है।
प्राइवेट अस्पताल में देने पड़े है हजारों रुपये।
गंभीर मरीजों को परिजन प्राइवेट अस्पताल ले जाते हैं। वहां पर उन मरीजों को आईसीयू वार्ड में रखा जाता है। जहां पर प्रतिदिन का किराया हजारों रुपये में होता है। हर अस्पताल का अलग-अलग रेट है। ऐसे में मरीज के परिजनों को काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। नागरिक अस्पताल में आईसीयू वार्ड के शुरू होने पर मरीजों को काफी फायदा होगा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिले में रोज औसतन तीन हादसे होते हैं जिनमें एक मौत और दो घायल होते हैं जिन्हें ज्यादातर रेफर करना पड़ता है। नागरिक अस्पताल में रोज लगभग 1500 से अधिक की ओपीडी है।
अस्पताल में दस बेड का आईसीयू वार्ड बनाया जाएगा। इसकी मंजूरी मिल गई है। कंपनी का चयन किया गया है। जल्द टेंडर भी कर दिया जाएगा।
-डॉ. पीयूष शर्मा, पीएमओ करनाल