करनाल। आसमां के चांद ने करीब रात 8:30 बजे तक इंतजार कराया। परिवार के सदस्य आसमान पर निगाहें गड़ाए हुए थे। आखिर आसमां का चांद निकला और सजनी ने अपने चांद का दीदार किया। उनके हाथ से पानी लिया और व्रत तोड़ा।
जिलेभर में करवाचौथ का त्योहार पारंपरिक उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। महिलाओं ने सूर्योदय से पहले सरगी कर व्रत की शुरुआत की। दिनभर निर्जला रहकर पति की लंबी आयु की कामना की। दोपहर बाद महिलाएं समूहों में पार्कों और मंदिरों में पहुंचीं। एकसाथ बैठकर करवाचौथ की कथा सुनी और मंगल गीत गाए। सोलह शृंगार में सुहागिनों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। शाम को चांद निकलने पर महिलाओं ने अपने पतियों के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोला।
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रास रेजिडेंस के पार्क में पारंपरिक परिधानों में महिलाओं ने पंडित विनोद शास्त्री से व्रत की कथा सुनी। सास को उपहार देकर आशीर्वाद लिया। महिलाओं ने सहेलियों संग तस्वीर खिंचाईं। यादगार सेल्फी ली। अंसल टाउन में महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखा। शाम के समय शिव मंदिर में जाकर व्रत की कथा सुनी। सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया। उसके बाद भोले बाबा का जलाभिषेक कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
पुरानी हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी के पार्क में आशा गोयल, सपना और अन्य सदस्यों ने करवाचौथ उत्सव आयोजित किया। वन मिनट शो, तंबोला और अन्य खेल खेले गए। शाम के समय डीजे पर सभी ने डांस किया।