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Karnal News: मां से कहा था कर्ज चुका कर लौटूंगा वतन मगर मिली मौत की खबर

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- अमेरिका के अलवामा स्थित दुकान में नौकरी करता था राहड़ा का पंकज, बंदूक चेक करते समय गोली चलने से हुई मौत
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- परिजनों ने 40 लाख रुपये कर्ज लेकर बेटे को डॉन्की के जरिए भेजा था विदेश
फोटो: 301 और 303
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। माता-पिता का सपना था कि उनका बेटा विदेश जाकर अच्छी नौकरी पाएगा। इसके लिए वह वर्षों से एक-एक कर पूंजी जोड़ रहे थे। जब बेटे पंकज को अमेरिका भेजने का समय आया तो रुपये कम पड़ गए, इसलिए कर्ज लेकर चालीख लाख रुपये एकत्रित किए। 10 माह पहले राहड़ा निवासी पंकज डॉन्की के जरिए अमेरिका के लिए रवाना हुआ। रास्ते में तमाम परेशानियां सहते हुए पंकज अमेरिका पहुंच गया और अलवामा में एक दुकान में नौकरी करने लगा।
करीब छह माह से पंकज राणा दुकान पर नौकरी कर रहा था। वह कर्ज चुकाने के लिए रुपये भेजता रहता था। गत सोमवार उसने मां से फोन कर कहा था कि वह पूरा कर्ज चुकाने के बाद ही भारत लौटेगा मगर उसी रात परिजनों को पंकज की मौत की सूचना मिली। यह सुनते ही मां बेहोश हो गई, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। साथियों ने परिजनों को फोन कर बताया कि पंकज जहां नौकरी करता था उसी दुकान में वह अपनी बंदूक चेक कर रहा था। इसी दौरान ट्रि्गर दबने से गोली चल गई और उसकी मौत हो गई।
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शव भारत लाने के प्रयास
अमेरिका से पंकज का शव भारत लाने के लिए परिवार और गांव के लोग तमाम प्रयास कर रहे हैं। दूतावास और सरकार-प्रशासन से भी बात की जा रही है। शव लाने के लिए परिवार के लोग सभी तरह की औपचारिकता पूरी करने में लगे हैं। मां का रो-रो कर बुरा हाल है।
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बेटे की तरक्की के देखे थे सपने
पंकज के परिवार में उसकी मां सुदेश, पिता नरेंद्र कुमार, छोटा भाई उज्जवल हैं। पिता खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करता हैं। पिता का सपना था कि उसका बड़ा बेटा विदेश में जाकर तरक्की करेगा। उन्होंने विदेश भेजने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी मगर उनके यह सपने चूर हो गए।
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