सभी बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन सोमवार को लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शनिवार को आधे दिन, इसके बाद रविवार और सोमवार को भी बैंक बंद रहने के कारण लोगों को काफी दिक्कत हुई। सोमवार शाम तक कई एटीएम में पैसे भी खत्म हो चुके थे। ऐसे में मंगलवार को भी जारी रहने वाली हड़ताल लोगों को खूब तंग करेगी। बैंक कर्मचारियों के हड़ताल के कारण जिले में करीब 100 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है। जिले में करीब 22 सार्वजनिक बैंक व उनकी अलग-अलग शाखाएं हैं जिनमें करीब 100 करोड़ रुपये का लेन-देन हर रोज होता है।
विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने सोमवार सुबह करनाल रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की शाखा के सामने धरना दिया। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैंकों में हड़ताल होने के कारण लगभग 100 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित रहा। बैंक कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि दो दिवसीय हड़ताल में अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांग नहीं मानी तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन भी कर दिया जाएगा। बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांग वेतन बढ़ाने की है।
धरने की अध्यक्षता करते हुए हरियाणा बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के जोनल सचिव शशि मंगला ने कहा कि सरकार को पांच साल बाद बैंक के वेतन रिवाइज करने होते हैं जिसका समय नवंबर, 2012 में पूरा हो चुका है। वेतन रिवाइज के अलावा, वेतन वृद्धि करना, ऑउट सोर्सिंग व निजीकरण को रोकना भी उनकी मांगें हैं। धरने पर अर्जुन, रामआनंद शर्मा, केएल मिगलानी, जोगीराम, सतपाल आनंद, जसबीर सिंह, ईश्वर सिंह सैनी, प्रवीण कटारियां, अश्वनी, प्रेम सिंह, लेखा सिंह सहित अन्य कर्मचारी डटे रहे।
बैंक बंद होने से लोगों को हुई परेशानी
बैकों में हड़ताल होने के कारण लोगों का काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह विभिन्न कार्यों से बैंकों में पैसे का लेने-देेन करने आए लोगों को बैंकों में हड़ताल देखकर निराशा हाथ लगी। बैंक में चेकबुक लेने के लिए आए उपभोक्ता राजा राम ने बताया कि चेकबुक की आवश्यकता थी। बैंक बंद होने कारण काफी बड़ा नुकसान हो सकता है। दिलबाग सिंह ने बताया कि अपने संबंधी को करीब 50 हजार रुपये जमा करवाने थे। बैंक बंद होने के कारण पैसे जमा नहीं करवा सके। वहीं बंटी रोहिला ने बताया कि उसे पैसे चाहिए थे। बैंक बंद होने कारण निराश हाथ लगी है।