माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। 16 सितंबर तक मानसूनी गतिविधियां मंद रहने की संभावना है लेकिन 17 सितंबर से एक बार फिर सक्रियता दिख सकती है। इस बीच बिखरे बादलों से कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश संभावित है। वीरवार को भी लगातार तीसरे दिन मौसम का मिजाज खुश्क रहा। दोपहर को बादलों की आवाजाही बनी रहने व हवा में नमी की मात्रा होने के कारण उमस की स्थिति से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीएसएसआर आई की जिला मौसम वेधशाला में वीरवार को अधिकतम तापमान 32.5 व न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सितंबर के प्रथम सप्ताह में 110.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है, हालांकि पिछले साल इस पूरे माह में 180.6 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ़ श्री गंगानगर, बरेली, बाराबंकी, देहरी, पुरुलिया, दीघा होते हुए उत्तरपूर्व बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है तथा हिमाचल प्रदेश पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने होने के कारण नमी वाली हवाएं तराई वाले क्षेत्रों और हिमालय की तलहटियों की तरफ चलने से राज्य में मानसून की सक्रियता में 16 सितंबर तक कमी बने रहने की संभावना है। जिसके कारण राज्य में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील बने रह सकता है।
इस दौरान उत्तर क्षेत्र के जिलों (अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, सोनीपत) में आंशिक बादलवाई व कहीं कहीं हवाओं व गरजचमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है लेकिन राज्य के पश्चिमी क्षेत्र के जिलों (सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखीदादरी, जींद, रोहतक, झज्जर) तथा दक्षिणी क्षेत्र के जिलों (महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद, पलवल) जिलों में वातावरण में नमी की अधिकता व तापमान में हल्की बढ़ोतरी से बीच बीच में आंशिक बादलवाई तथा कुछ एक स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है। 16 सितंबर के बाद मानसून की सक्रियता एक बार फिर से बढ़ने की संभावना बन रही है।