संवाद न्यूज एजेंसी
नीलोखेड़ी। बजरंग सेवा दल बरात घर में चल रहे श्रीमद्भागवगत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कलाकारों के गाए भजन ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की....’ पर श्रद्धालु जमकर झूमे। स्वामी ने श्रीकृष्ण जन्म के समय कंस द्वारा माता देवकी और पिता वासुदेव पर किए जाने वाले जुल्मों सहित परिस्थितियों बारे जानकारी दी।
कथा व्यास स्वामी हरिहर मुदगल ने कहा कि भगवान नाम की महिमा बताते हुए कहा कि कलयुग में भगवान का नाम ही सारे संकटों से बचाता है। आने बाला समय बहुत कठिन है, असामाजिक तत्वों द्वारा मर्यादाओं को तोड़े जाने संबंधी कई जानकारियां भी सामने आ रही हैं। जिनका भविष्य में बढऩे का अंदेशा बना हुआ है। इसलिए भगवान के नाम का सिमरण हर समय करते रहो। उन्होंने कहा कि अजामिल नाम के ब्राह्मण ने जिंदगी भर पाप किया। परन्तु अपने अन्तिम वक्त में भगवान का नाम लेकर नरक जाने से बच गया। इसीप्रकार भक्त प्रह्लाद ने भगवान का नाम नहीं छोड़ा।
पिता द्वारा मारने का बहुत प्रयास करने के बावजूद भक्त प्रह्लाद ने भगवान का नाम नहीं छोड़ा। फलस्वरूप भगवान नरसिंह बनकर आए और उसकी रक्षा की। इसलिए मनुष्य को अपना जीवन भगवान राम की तरह बनाना चाहिए। कोई भी स्त्री हो या पुरुष उसके लिए मर्यादा निर्धारित की गई है। मर्यादाओं का उल्लंघन करना और मनमाने आचरण से हमेशा विनाश होता है। जिसका उदहारण रावण एवं सूर्पनखा हैं। मौके पर सभा के वेद प्रकाश कटारिया, लछमन दास अरोड़ा, रविन्द्र कत्याल, तिलक चावला, प्रवीन मैहता, बलवंत सिंह, मनोहर धवन, सतपाल गांधी, विजय अरोड़ा, ललित शर्मा, सतीश जोशी तथा प्रवीण वधवा आदि मौजूद रहे।
121....श्रीमद् भागवगत कथा सुनाते स्वामी हरिहर मुदगल । संस्था