करनाल। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के आंशिक प्रभाव से तापमान में गिरावट आई है। शुक्रवार को अधिकतम में चार तो न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 29 व 30 को भी मौसम परिवर्तनशील रह सकता है, जिसके कारण राज्य में कहीं कहीं बादलों की आवाजाही रहेगी। जिससे तापमान में गिरावट के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च की रात्रि को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम में बदलाव आया है, कहीं कही बर्फबारी भी देखी गई है, जिसके कारण हवाओं में नमी की मात्रा बढ़ी है। हरियाणा सहित कुछ मैदानी क्षेत्र में कहीं कहीं हल्के बादल भी रहे हैं, जिसके कारण तापमान में गिरावट देखी जा रही है।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान सस्थान (सीएसएसआरआई) करनाल की जिला मौसम वेधशाला में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो वीरवार के अधिकतम तापमान से चार डिग्री सेल्सियस कम है। जबकि न्यूनतम तापमान भी 17 से घटकर 16 डिग्री सेल्सियस किया गया है।
इधर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार पिछले चार दिनों से किसी पश्चिमीविक्षोभ का असर खासकर मैदानी क्षेत्रों में नहीं हुआ, जिसके कारण हरियाणा में तापमान बढ़ा लेकिन अब हवाओं में बदलाव हुआ है, मध्यम से तेज गति से हवाएं चल रही हैं, जिनमें नमी है, जिसके कारण अब दो तीन दिन में तापमान में कमी देखी जा रही है, अभी कल भी तापमान में कमी आ सकती है।
मौसम तो अभी खुश्क है, सब्जियों में हल्की सिंचाई की जा सकती है लेकिन जहां तक गेहूं की बात है तो अभी तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिन्होंने गेहूं में अंतिम सिंचाई नहीं है, ऐसे किसानों को मौसम का ध्यान रखते हुए दो तीन दिन ठहर कर ही सिंचाई देना चाहिए। इधर, भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने पहले ही बताया था कि भारतीय मौसम विभाग 29 व 30 मार्च तक लू चलने की संभावना है, जो गेहूं के लिए बेहतर स्थिति है। किसानों को बढ़ते तापमान से चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है लेकिन लू के कारण दाना समय से पहले ही सूख सकता है।