संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्रीकृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार की ओर से बुधवार को सेक्टर-12 के हुड्डा मैदान में दिव्य गीता सत्संग शुरू हुआ।
गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गीता जी के 10 ऐसे श्लोकों का उच्चारण करवाया, जिससे भगवान श्रीकृष्ण की कृपा मनुष्य पर होती है। इन्हीं श्लोकों का उच्चारण कर अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आए थे।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि महाभारत से पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपने विराट स्वरूप के दर्शन करवाए थे। गीता जी के 10 श्लोकों में भगवान से प्रार्थना की गई है और उन्हें प्रणाम किया गया है। ईश्वर के कृपा पात्र बनने के लिए उनसे प्रार्थना की गई है। इन श्लोकों के उच्चारण और अध्ययन से ही जीवन में स्वाभाविक प्रसन्नता आती है। तनाव से मुक्ति मिलती है।
उन्होंने भजन करवाते हुए कहा, श्रीकृष्ण कृपा कर दो ऐसी गीतामय जीवन हो जाए, कर्म भक्ति ज्ञान की त्रिवेणी में तन मन बुद्धि पावन हो जाए...।
उन्होंने कहा कि शास्त्रों में 84 लाख योनियों का जो एक विषय आता है उसमें जलचर, थलचर और नभचर, इन सबमें अत्यंत विशिष्ट अत्यंत और दुर्लभ मनुष्य जीवन है। जीवन को कैसे अच्छे से जिया जा सके इसकी प्रेरणा श्रीमद्भगवत गीता से मिलती है। श्रीमद्भगवत गीता पावन प्रेरित ग्रंथ है। यह केवल धार्मिक आस्था नहीं है, सत्य भी है। ईश्वर की दिव्य वाणी है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्पष्ट कहा है कि हे अर्जुन मेरे लिए सब बराबर हैं, मैं सबके लिए बराबर हूं। प्रकृति के नियमों में कोई भेदभाव नहीं है। परमात्मा की बनाई सृष्टि को उनकी दृष्टि से देखेंगे तो लगेगा कोई भेदभाव नहीं है। भेदभाव हमारी वृत्तियों से पनपता है।
मेयर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि स्वामी ज्ञानानंद ने श्रीमद्भागवत गीता का संदेश देश दुनिया में घर-घर तक पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। मुख्य यजमान अशोक खुराना, भारत भूषण कपूर और राम अवतार पहुंचे। इस अवसर पर बृज गुप्ता, भाजपा जिला प्रधान प्रवीण लाठर, मेघा भंडारी, संकल्प भंडारी, सुदेश रानी, हरजिंदर लाडी, गौरव खुराना, स्वामी प्रेममूर्ती आदि मौजूद रहे।