करनाल। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मिलने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अदालत ने मीरी-पीरी चैरिटेबल ट्रस्ट की याचिका को खारिज कर दिया, जिससे लंबे समय से चल रही प्रक्रिया में निर्णायक मोड़ आ गया।
इस फैसले के बाद सिख समुदाय में खुशी की लहर है। इंटरनेशनल पंथ प्रचारक और एचएसजीपीसी धर्म प्रचार के चेयरमैन जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल के प्रयासों को इस सफलता का प्रमुख कारण माना जा रहा है। वे लंबे समय से इस कॉलेज का प्रबंधन हरियाणा की संगत को सौंपने के लिए प्रयासरत थे। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि कॉलेज का प्रबंधन हरियाणा को मिलने से यहां के युवाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। एचएसजीपीसी के पूर्व सदस्य गुरुप्रसाद सिंह, गुरुपर्व प्रबंधक कमेटी के प्रधान वरिंदर सिंह और महासचिव इंद्रपाल सिंह ने सरकार से अपील की कि जल्द प्रबंधन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाए। ब्यूरो