माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। असंध बाईपास की सड़क करीब छह माह से उखड़ी है। जबकि यह डीएलपी यानी डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (दोष दायित्व अवधि) में है। इसकी जानकारी लगते ही एडीसी योगेश कुमार मेहता भड़क गए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से सवाल किया कि नई सड़क कैसे टूट गई। जब संतोष जनक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने असंध के एसडीएम के नेतृत्व में सड़क की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल भरवाने और अपने सामने लैब से चेक करवाने के निर्देश दिए। मौका था सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक का।
शुक्रवार को लघु सचिवालय में एडीसी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में नए व पुराने एजेंडों पर चर्चा की गई। इस दौरान मई माह से लंबित एजेंडों को देखकर उन्होंने अधिकारियों से जवाब तलबी की। उन्होंने कहा कि आप सरकारी सिस्टम का हिस्सा हैं। अपनी जिम्मेदारी खुद निभाएं। बैठक का आयोजन एक माह बाद होता है, इससे पहले अपने स्तर पर चर्चा करके मामलों को निपटाना सुनिश्चित करें। ताकि एक बार चर्चा होने के बाद अगली बैठक में उसके काम होने की ही रिपोर्ट मिले।
इसके अलावा बैठक में मई माह से लंबित अराईंपुरा रोड से बिजली के हाईटेंशन तार हटाने के मामले पर चर्चा की तो बीबीएमबी (भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड) के अधिकारी बैठक में नहीं थे। इसके लिए उन्होंने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में 18 एजेंडों पर चर्चा की गई। इनमें से 10 का समाधान हुआ तो आठ पर कार्य करने के लिए एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए।
कंपनी भुगतान करने में देरी क्यों कर रही, मांगा जवाब
एडीसी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए लोगों और मृत लोगों के परिजनों को हिट एंड रन मोटर स्कीम 2022 के तहत समय पर मुआवजा दिया जाता है। जिले में 90 में 77 केस स्वीकृत हो चुके हैं, उनके मुआवजा में विलंब क्यों हो रहा है। इस पर उन्होंने बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से जवाब मांगा। इन्हें निर्देश दिए कि केस स्वीकृत होने के 15 दिन में भुगतान किया जाए। भविष्य में देरी नहीं होनी चाहिए। आईआरएडी से स्वाति गुप्ता को निर्देश दिए कि वे दुर्घटना के दौरान मरने वाले लोगों के एक्सीडेंट के कारण की गंभीरता से जांच करें। इंद्री रोड के उखड़े होने के मामले पर बैठक में एक्सईएन ने बताया कि गड्ढे भर दिए हैं। साथ ही कहा कि यहां नई लेयर बिछाई जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस पर एडीसी ने कहा कि छह माह में सड़क बननी है। जनवरी माह में काम शुरू होगा, जून के बाद बरसातें लग जाएंगी। काम तेजी से निपटे, इसलिए प्रदूषण व मौसम की स्थिति सामान्य होते ही काम शुरू करें।