बैठक को संबोधित करते भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी । संवाद
इंद्री । भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर धान घोटाला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां राज्य में मात्र 40 लाख टन धान का उत्पादन हुआ, वहीं रिकॉर्ड के अनुसार 62.5 लाख टन धान की बिक्री दर्शाई गई है। इसके विरोध में छह जनवरी को प्रदर्शन किया जाएगा। चढूनी इंद्री हल्के के गांव कलसौरा और लबकरी में किसानों की सभाओं को संबोधित कर रहे थे।
चढूनी ने कहा कि प्रदेश में डकैती घोटाले चल रहे हैं और कंपनी राज कायम हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के बेईमानी भरे कर्ज माफ कर रही है, जबकि छोटे और गरीब किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। चढूनी ने बताया कि छह जनवरी को करनाल की जाट धर्मशाला में प्रदेशस्तरीय बैठक और रोष प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। हर जिले में प्रदर्शन होंगे। अगर सरकार ने तब भी ध्यान नहीं दिया तो 23 मार्च को पिपली में एक विशाल रैली होगी। इस अवसर पर किसान नेता मनजीत चौंगावा, राहुल कलसौरा, राजेन्द्र दास सहित बड़ी संख्या में किसान और मजदूर उपस्थित रहे।
छह हजार करोड़ से ऊपर का घोटाला : भाकियू छोटूराम
करनाल। भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम ने कहा है कि करनाल जिला की मंडियों में हजारों करोड़ रुपये का धान घोटाला हुआ है। प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने कहा कि करनाल की कोई मंडी बची नहीं जहां घोटाला न हुआ हो। अगर निष्पक्ष जांच हो तो घोटाला छह हजार करोड़ से भी ऊपर का होगा। धान के सीजन से ही लगातार दो महीना से घोटाले पर घोटाले सामने आ रहे हैं लेकिन कार्रवाई नाममात्र हुई है। केवल खानापूर्ति की जा रही है। सरकार और प्रशासन के रवैये को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन सर छोटू राम घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग करती है। ब्यूरो