एक तरफ राइस मिलर सुबह से अपनी मीटिंग में व्यस्त रहे वहीं खरीद को लेकर किसान पस्त नजर आए। दोपहर तक भी वह धान खरीद का इंतजार करते रहे। बुधवार को जिले के राइस मिलरों ने जीटी रोड स्थित एक ढाबे पर मीटिंग कर रहे थे। जब डीसी निशांत कुमार यादव को इसका पता चला तो वह अनाज मंडी पहुंचे और खरीद एजेंसी से कहा कि धान की बोली के समय मिलर्स का इंतजार न करें और किसानों की धान एमएसपी रेट पर बिके। वहीं चेतावनी दी कि कोई भी मिलर्स औने-पोने भाव में धान न खरीदने पाए और समय पर बोली व उठान हो। यदि ऐसा नहीं होता तो संबंधित खरीद एजेंसी के प्रतिनिधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही अनाज मंडी में खरीद का काम शुरू हुआ।
दूसरी ओर सर्वर धीमा होने के कारण किसानों को पहले की तरह परेशानी झेलनी पड़ी और गेट पास के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। सुबह अनाज मंडी के गेट पर ट्रैक्टर ट्रॉली की लाइन लगी रही। बुधवार को मेनुअल गेट पास काटे गए। अनाज मंडी में गेट पास के लिए जाम लगने का मुख्य कारण- दो ही गेटों पर गेट पास कट रहे दो बंद करना हैं। कुछ आढ़तियों ने बताया कि किसानों को पीआर 14 का दाम सरकारी रेट से 200 रुपए ज्यादा मिल रहा है, लेकिन कुछ मिलर चाहते हैं कि वह इसे सरकारी रेट पर ही खरीदें ज्यादा रेट न लगाएं। डीसी ने नई अनाज मंडी करनाल व अस्थाई परचेज सेंटर मोहदीनपुर में भी धान खरीद का जायजा लिया। उन्होंने डीएमईओ को निर्देश दिए कि वह मंडी में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न आने दें। उन्होंने मोहदीनपुर के परचेज सेंटर तक जाने वाले रास्ते को ठीक करने के लिए मंडी बोर्ड के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए।
मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त अशोक बंसल, डीएफएससी निशांत राठी, हैफेड के डीएम सुरेश वैद्य, डीएमईओ ईश्वर राणा, मार्केट कमेटी सचिव सुंदर सिंह, मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद गोयल, एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी, स. बक्खा सिंह सहित किसान व आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे।
सुबह 8 बजे लेकर आया धान, नहीं हुई खरीद
गांव बड़ौता निवासी किसान बलबीर सिंह ने बताया कि वह सुबह 8 बजे पीआर 126 धान लेकर अनाज मंडी आ गया था लेकिन दोपहर 2 बजे तक कोई भी खरीदार नहीं आया। जिससे काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है, क्योंकि खेतों में इसकी कंबाइन से धान कट रही है वह खेतों में जाकर धान कटवाएं या मंडी में रहकर धान का पहरा दे।
किसानों ने क्या गुनाह किया
किसान जयप्रकाश ने बताया कि पहले तो कई घंटों तक अनाज मंडी के गेट पर उन्हें इंतजार करना पड़ा। भारी परेशानी के बाद उसे गेट पास मिला जब वह अनाज मंडी में आया तो पता चला कि यहां मिलर ही नहीं हैं कोई खरीदार ही नहीं है आखिर किसानों ने क्या गुनाह किया है कि हर जगह उसे ही क्यों परेशान किया जा रहा है।