संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सफाई कर्मचारी पिछले तीन माह से वेतन न मिलने से आंदोलनरत है। कर्मचारियों की अतिरिक्त उपायुक्त से शुक्रवार को हुई वार्तालाप से उन्हें वेतन की आस जगी है। हालांकि चौथे शनिवार व रविवार को बैंकों की छुट्टी होने के कारण कर्मचारियों को दो दिन और इंतजार करना पड़ेगा।
कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल एडीसी अखिल पिलानी से उनके कार्यालय में मिला। एडीसी ने उनकी मांग पर संज्ञान लेते हुए एचएसवीपी की प्रशासक अधिकारी वर्षा खंगवाल से दूरभाष के माध्यम से बातचीत कर ठेकेदार का बिल पास करने का आग्रह किया। प्रशासक अधिकारी ने आज ही ठेकेदार का बिल पास कर संपदा अधिकारी के खाते में पैसा जारी करने की बात कही। ईपीएफ व ईएसआई के बारे में ठेकेदार के सुपरवाइजर ने अतिरिक्त उपायुक्त के सामने आश्वासन दिया कि मंगलवार तक डिजिटल हस्ताक्षर अपडेट करवा देंगे। इससे कर्मचारियों का ईपीएफ व ईएसआई का भी समाधान हो जाएगा।
कर्मचारियों का आरोप है कि एचएसवीपी का ठेकेदार चार जगहों से ब्लैक लिस्ट है। इसके बावजूद विभाग की ओर से दोबारा नए वित्त वर्ष का टेंडर दे दिया गया। इस पर रोष जताते हुए कर्मचारियों का कहना है कि ठेकेदार तीन माह से उनका वेतन रोके है, ईपीएफ व ईएसआई का पैसा किसी कर्मचारी के खाते में नहीं डाला जा रहा है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार डिजिटल हस्ताक्षर का डोंगल नहीं बनने का हवाला देकर लगातार उनका ईपीएफ व ईएसआई का पैसा खा रहा है।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव व एचएसवीपी के सर्कल प्रधान सेवाराम बड़सर का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से इस ठेकेदार की लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कर्मचारियों के प्रतिमाह समय पर वेतन दिए जाने की व्यवस्था बनाई जाए। तीन माह ने वेतन न मिलने पर न तो कर्मचारी अपने बच्चों का स्कूलों में दाखिला करवा पाए है तथा न ही वह खाने के लिए सालभर का अनाज ही खरीद पाए है।
यह मामला पदभार संभालने से पहले का है। कर्मचारियों की समस्या का समाधान करते हुए उनका तीन माह का वेतन स्वीकृत करवा दिया गया है। सोमवार कोबैंक खुलते है वेतन सभी कर्मचारियों के खाते में चला जाएगा। - जसपाल गिल, संपदा अधिकारी