राजबब्बर ने पंजाबी में किया संबोधन, सम्मेलन के बैनर पर सैलजा-सुरजेवाला के फोटो लेकिन बनाए रखी दूरी, विधायक गोगी भी नहीं आए
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा में शायद ही ऐसा कोई शहर हो, जिसमें पंजाबी बिरादरी के लोग बड़े कारोबारियों में शामिल न हों। कई ऐसी विधान सभा सीटें हैं, जहां मौजूदा समय में भी पंजाबी बिरादरी के जनप्रतिनिधि हैं, बहुत सी सीटें ऐसी भी हैं जहां पंजाबी बिरादरी के मतदाता हार जीत में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा अब पंजाबी बिरादरी में सेंधमारी का प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि वह इसमें कितने सफल होते हैं, ये तो समय ही बताएगा लेकिन रविवार को आयोजित पंजाबी बिरादरी के सम्मेलन में उनकी ही पार्टी के सैलजा और सुरजेवाला गुट के लोगों ने दूरी बनाए रखी, ये चर्चा का विषय रहा।
हरियाणा राज्य की करनाल, अंबाला, हिसार, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, जींद, रोहतक, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, फरीदाबाद और गुड़गांव जैसी सीटों पर भी पंजाबी बिरादरी का अच्छा खासा दबदबा माना जाता है। हरियाणा में जाट बिरादरी भी सबसे बड़ी बिरादरियों में शुमार है। तीसरी सबसे बड़ी बिरादरी ब्राह्मणों को भी माना जाता है। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा इन दिनों बड़ी बिरादरियों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश करते दिख रहे हैं।
रविवार को करनाल में आयोजित राष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन भी इसी कड़ी का एक हिस्सा हैं। जिसके जरिये पूर्व सीएम जाट और पंजाबी बिरादरी का गठजोड़ यानी जे एंड पी के फार्मूले पर कार्य करने में जुटे हैं। हालांकि इसमें वही चेहरे प्रमुखता से दिखे, जो पहले से ही कांग्रेस की विचारधारा रखते हैं या फिर कांग्रेस के पदाधिकारी हैं। इसमें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान के साथ-साथ पंजाबी बिरादरी के ही अभिनेता राजबब्बर भी शामिल हुए। उन्हें भी आयोजक संगठन ने अपना संरक्षक बताया। राजबब्बर ने भी अपना पूरा संबोधन पंजाबी भाषा में ही दिया, उन्होंने खुद को हरियाणा का बताकर अपने गांव से आए लोगों से सम्मान बतौर पगड़ी भी पहनी। खुले तौर पर बिरादरी के लोगों से कांग्रेस का साथ देने का हाथ उठवाकर वादा भी लिया।
खास बात ये भी रही कि पूर्व सीएम चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मुख्य आतिथ्य वाले सम्मेलन के मंच पर लगे बड़े बैनर पर सांसद कुमारी सैलजा व कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला का फोटो भी छापा गया था लेकिन वह सम्मेलन में नहीं आए। कुमारी सैलजा के सबसे करीबी माने जाने वाले असंध के विधायक शमशेर सिंह गोगी ने भी इस सम्मेलन से दूरी बनाए रखी। सैलजा व सुरजेवाला गुट की जिले में अलग से एक यात्रा आने वाली है। जिससे कांग्रेस की गुटबाजी साफ दिख रही है।