फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: माता-पिता के सिर में ड्रिल मशीन से किए थे सुराख

Thu, 20 Mar 2025 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
इंद्री। कमालपुर रोड़ान गांव में बेटे हिम्मत सिंह ने अपनी नापाक हिम्मत दिखाते हुए मां-बाप की ड्रिल मशीन से सिर व गर्दन में छेद कर हत्या करने के बाद पुलिस से बचने का रास्ता भी ढूंढा। इसके लिए उसने अपना मोबाइल फोन चंडीगढ़ सेक्टर-17 के पार्क में और हत्या के दौरान पहने हुए खून से सने कपड़े दिल्ली के रोहिणी में पार्क की दीवार के पास छिपाये हैं। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी ने यह खुलासा किया है।
विज्ञापन

हत्या में प्रयुक्त हुई ड्रिल मशीन को आरोपी के घर से और शव फेंकने के लिए इस्तेमाल की गई कार को टिकरी गांव से पुलिस ने बरामद कर लिया है। बुधवार को अदालत में पेश करके पुलिस ने आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर लिया है, ताकि और गहनता से पूछताछ की जा सके। सवा तीन बीघा जमीन के लिए गांव कमालपुर रोड़ान में बेटे हिम्मत सिंह ने 13 मार्च को होली की रात मां व बाप की ड्रिल मशीन से गोदकर हत्या कर दी थी।
हिम्मत सिंह अपने पिता महिंद्र सिंह व मां राजबाला की इकलौती संतान है। ड्रिल से मां व बाप गोदने के बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए उन्हें कार की डिग्गी में रखा। कई किलोमीटर दूर जाकर गगसीना गांव से गुजर रही नहर में शवों को फेंक दिया। पुलिस को शक न हो इसलिए अपना मोबाइल चंडीगढ़ और कपड़े दिल्ली के एक पार्क में छिपाए।
विज्ञापन


महिंद्र सिंह के घर पर ताला लगा देख पड़ोसियों ने उसके भाई जरनैल सिंह ने पहले अपने स्तर पर खोजबीन की। रिश्तेदारों से बात की लेकिन दोनों का कहीं कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उसने भाई महिंद्र सिंह व भाभी राजबाला के लापता होने की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद मौके पर जाकर जांच की तो घर की गैलेरी में खून के निशान मिले।
इसके बाद अगले ही दिन 14 मार्च को पानीपत की नहर से बाला देवी का शव बरामद हो गया। बाला देवी के हाथों से सोने के कंगन होने से उसकी शिनाख्त हुई। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो इकलौते बेटे हिम्मत सिंह पर शक गहरा गया। पुलिस ने छठे दिन बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो हत्या की परतें खुली।
हिम्मत सिंह ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने गत 13 मार्च को पिता महिंद्र सिंह व मां राजबाला की ड्रिल मशीन से हत्या की थी। विदित हो कि करीब तीन वर्ष पहले कमालपुर रोड़ान गांव में ही चाची ने पांच वर्षीय मासूम जश की हत्या कर दी थी। गांव में इस तरह की वारदातों ग्रामीण चिंतित हैं।

डीएसपी सतीश गौतम के अनुसार रिमांड के दौरान पता लगाएंगे कि आरोपी के दोस्त की हत्या में क्या भूमिका है। फिलहाल लग रहा है कि हत्या को अकेले हिम्मत सिंह ने अंजाम दिया है। वह दोनों के शवों को कार में रखकर कमालपुर रोड़ान से वाया रिंडल से बड़ा गांव, आईटीआई चौक, आंबेडकर चौक से होते हुए गगसीना गांव में पहुंचा था।
इसके बाद यहां से गुजर रही नहर में शवों को फेंक दिया था। कार में इसमें खून के धब्बे और बाल पुलिस को मिले हैं। पिता हिम्मत सिंह के शव का अभी तक पता नहीं चला है। पांच गोताखोरों सहित 10 सदस्यीय टीम शव की तलाश में जुटी है। राजबाला के शव का पोस्टमार्टम सोनीपत के बीपीएस खानपुर कला में डॉक्टरों के बोर्ड से कराया गया है।



आरोपी की नौ महीने पहले हुई थी शादी

पुलिस ने बताया कि आरोपी हिम्मत सिंह का मां-बाप से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पिता महिंद्र सिंह ने उसके खिलाफ कोर्ट में केस डाला था। हिम्मत सिंह पहले दिल्ली में टैक्सी ड्राइवर था। फिलहाल अब एक प्राइवेट स्कूल में बस ड्राइवर है। करीब नौ महीने पहले हिम्मत सिंह की शादी हुई थी। वह पत्नी के साथ उचाना गांव में रह रहा था।



स्कूल से लेकर आया ड्रिल मशीन

पुलिस ने बताया कि स्कूल में मिस्त्री से ही इसने ड्रिल मशीन मांगी थी। इसके बाद टिकरी गांव के दोस्त से आई-10 कार ली। हिम्मत सिंह को पहले से पता था कि होली के दिन उसके पिता महिंद्र सिंह ने शराब पी होगी। जिसके बाद वह कार में ही कमालपुर रोड़ान गांव में पिता महिंद्र सिंह के घर पहुंचा। दीवार फांदकर मकान के अंदर घुस गया। इसके बाद पहले ड्रिल मशीन से पिता महिंद्र सिंह की हत्या की। पहले पिता की हत्या भेद छिपाने के लिए मां पर दबाव डाला लेकिन जब वह नहीं मानी तो मां राजबाला को भी मार दिया।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें