करनाल। श्री सनातन धर्म शिव मंदिर सभा की ओर से महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में रामलीला मैदान में सांग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सांगी विष्णु पहलवान और उनकी टीम ने सोमवार को हीरामल जमाल सांग का मंचन किया। उन्होंने रागनी ‘हीरामल चाल्या आवे था, अपने ध्यान में ऊपर नै लखाया जल रैया था लैप मकान में...’ सुनाई।
विष्णु पहलवान ने बताया कि बादशाह मुहम्मद खां के राज्य में सेठ करोड़ीमल नाम का धन्ना सेठ रहता था। करोड़ीमल का बेटा हीरामल बेहद ही खुशदिल इंसान था। अक्सर अपने दोस्त कमरूद्दीन पठान के साथ रहता। हीरामल को बचपन से ही कुरान शरीफ सुनने का शौक था। राज्य के वजीर हसन अली की बेटी जमाल को एक दिन कुरान पढ़ते हुए देखा और देखता ही रह गया। जमाल कुछ शब्द गलत पढ़ रही थी। हीरामल ने इस बारे में बताया। दोनों में दोस्ती और फिर प्यार हो गया। एक दिन एक दरोगा ने हीरामल को वजीर हसन अली के मकान के इर्द-गिर्द टहलता हुआ पकड़ लिया। आवारागर्दी के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया। वजीर को पता लगा कि हीरामल उनकी बेटी से प्यार करता है। उन्होंने हीरामल को फांसी पर लटकाने का हुक्म दे दिया। हीरामल की प्रेमिका जमाल मर्दाना वेश धारण कर उनकी वकील बनकर राजा के दरबार में पहुंच जाती है। जिरह कर हीरामल को बचा लेती है।