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हाईटेक होगा पोस्टमैन, मोबाइल पर सिग्नेचर करवा देगा डाक की रिसीविंग

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पोस्टमैन हाईटेेक होने जा रहा है, अब कागज पर नहीं मोबाइल पर सिग्नेचर लेने के बाद आपको डाक की रिसीविंग देगा। करनाल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में योजना की शुरूआत हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट अंबाला स्थित सर्कल ऑफिस भी भेजी गई है। वहां से अप्रवूल आने के बाद करनाल और अंबाला समेत अन्य जिलों में भी यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। ई-डाकिया योजना के तहत सभी पोस्टमैन को फोर-जी स्मार्टफोन दिए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत डाकिया रजिस्ट्री या स्पीड पोस्ट, मनीऑर्डर रिसीव कराने के लिए सीधे स्मार्ट फोन पर डिजिटिल सिग्नेचर लेगा। उसके बाद कस्टमर का फोटो भी खींचकर अपलोड करेगा। जिले में कुल 31 बीट (डाक क्षेत्र) हैं। पायलट प्रोजेक्ट के लिए 11 बीट में व्यवस्था का ट्रायल लिया गया। ओवरऑल क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 12 हजार से ज्यादा डाक का वितरण होता है।
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नई व्यवस्था से यह होगा फायदा
प्रेषक भी रहेगा अपडेट : डाकिया किसी पत्र को रिसीव कराता है तो वह मोबाइल के स्क्रीन पर ही ई-सिग्नेचर करा लेगा। वहीं मौके से वह रिसीविंग को ऑनलाइन अपलोड कर देगा। इसकी सूचना प्रेषक के साथ विभाग की साइट पर भी अपलोड हो जाएगी। इस व्यवस्था में डाक वितरण का समय व स्थान विभाग के मुख्य सर्वर पर भी दिखेगा।
विभाग को मिलेगी पोस्टमैन की लोकेशन : ई-सिग्नेचर के लिए दिए गए मोबाइल में जीपीएस की भी व्यवस्था होगी। इससे वह कितने बजे कहां पहुंचा इसकी जानकारी भी विभाग को मिलती रहेगी। यह विशेष एप्लीकेशन के जरिए होगा। इससे लोगों को समय से उनका डाक मिलेगा। अभी तक डाकिया डाक पहुंचाने में काफी समय लगा देता था।
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डाक गुम होने का कोई चांस नहीं
अकसर अभी यह होता था कि कई डाक विभाग के कर्मचारियों की गलतियों के कारण गुम हो जाते थे। अब नई व्यवस्था में डाक का रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से डाक गुम होने के चांस काफी कम हैं, क्योंकि डाक की पल-पल की जानकारी पोर्टल पर अपडेट होती रहेगी।
उपभोक्ता ऐसे ट्रैक कर सकते हैं अपनी डाक
विभाग की वेबसाइट 'डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट इंडिया पोस्ट डॉट जीओवी डॉट' इन पर लॉग इन करना होगा। यहां ट्रैक का ऑप्शन आएगा। इस पर क्लिक करने के बाद आपको आर्टिकल का रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा। यह नंबर रसीद पर होती है।
नई व्यवस्था पूरी तरह से सुरक्षित है। गलत रिसीविंग व डाक गुम होने का कोई चांस नहीं है। ई-डाकिया योजना हरियाणा सर्कल कार्यालय से लागू होनी है। 11 पोस्टमैन को मोबाइल देकर इसका ट्रायल करवाया जा चुका है। - सुभाष सैनी, डिप्टी पोस्ट मास्टर करनाल।
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