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01. नजदीक से गुजर रहे हाईटेंशन तार, खतरे में जान

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करनाल। विद्यालयों और घरों के ऊपर से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइन या तारें खतरनाक साबित हो रही हैं। गांव कुटेल में स्टेडियम के शौचालय की छत पर चढ़े एक विद्यार्थी की जान हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से ही गई है। शहर में हाईवे पार की आठ कॉलोनियों के ऊपर से 220 केवी हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। जिसके नीचे विभिन्न कॉलोनियों के 252 मकान बनें हैं। जबकि स्कूल और पार्कों की कोई गिनती नहीं है, जहां हर पल हादसे का खतरा बना रहता है।
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इन तारों के कारण कई बार हादसे भी हो चुके हैं। फिर भी प्रशासन का लोगों की सुरक्षा को लेकर ध्यान नहीं है। हाईटेंशन लाइन के विभाग भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) कुरुक्षेत्र सिर्फ लोगों को नोटिस देने तक सीमित है। सुरक्षा के नाम पर हर साल लोगों को महज नोटिस देकर निर्माण हटाने के लिए कह दिया जाता है। इससे आगे आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नोटिस में भवन मालिकों को 15 दिन में निर्माण हटाने की चेतावनी भी दी जाती है। यह भी कहा जाता है कि रेंज में आने से यदि कोई हादसा या नुकसान होता है तो उसके जिम्मेवार भवन मालिक स्वयं होंगे।
हाईवे पार क्षेत्र से गुजर रही 220 केवी सिंगल सर्किट कुरुक्षेत्र-पानीपत लाइन के नीचे आरके पुरम, कर्ण विहार, एसपी कॉलोनी, राजीव पुरम सहित साईं मंदिर के पीछे की कई कॉलोनियों में मकान बने हैं। अमर उजाला की टीम ने हाईवे पार क्षेत्र का मुआयना किया तो हाईटेंशन लाइन सेक्टर-6 प्रताप पब्लिक स्कूल का खेल मैदान और फूसगढ़ रोड स्थित जैन स्कूल के साथ गली के ऊपर से गुजरती दिखी। इस गली में दो स्कूल भी लाइन के नजदीक हैं। यहां हर वक्त बच्चे खेलते हैं। इस लिहाज से खतरे की संभावना ज्यादा है।
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जहां नहीं होना चाहिए निर्माण, वहां दो मंजिला मकान
भारतीय विद्युतीय नियम 2003 के अनुसार हाईटेंशन लाइन के दाएं, बाएं, ऊपर या नीचे कम से कम 18 फुट की दूरी होना जरूरी है। इसके नीचे न मकान बना सकते हैं न पेड़ लगा सकते हैं, लेकिन कर्ण विहार व विकास कॉलोनी में इसके नीचे दो मंजिला तक मकान बने हैं। ऐसे में 18 फुट की दूरी के बजाय घरों की लाइन से महज आठ से 10 फुट की ही दूरी है। पतंग की डोर से भी व्यक्ति हाईटेंशन लाइन की रेंज में आ सकता है। इससे भी हादसे होने की संभावना है।
ये हो चुके हादसे
- मई माह में हाईटेंशन लाइन और 11केवी केबल के बीच दूरी कम होने से लाइन ट्रिप हुई थी। इससे करनाल के सेक्टर-6, फुसगढ़ सहित आधे कुरुक्षेत्र में ब्लैक आउट रहा।
- पिछले दिनों आरके पुरम की गली नंबर-7 में एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, निर्माण हाईटेंशन तार की रेंज में आने से एक व्यक्ति घायल हो गया। वहीं गली के कई घरों के बिजली मीटर व अन्य उपकरण भी फुंक गए।
प्रशासन शिफ्ट कराए हाईटेंशन लाइन
कर्ण विहार के विवेक, आरके पुरम के अशोक व राहुल गुप्ता का कहना है कि वर्षों पहले उन्होंने मकान बनाए थे। बिजली निगम ने मीटर का कनेक्शन जारी किया। इससे पहले प्लॉट या मकान की रजिस्ट्री भी हुई। यदि इस जगह पर निर्माण नहीं हो सकता था तो रजिस्ट्री क्यों हुई। बीबीएमबी के अधिकारियों ने उस समय क्यों नहीं ध्यान दिया, जब कॉलोनियां काटी गई थीं।
वर्जन -
हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माण के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। निर्माण हटाने के नोटिस भी दिए गए। बिजली निगम को इन मकानों के बिजली कनेक्शन काटने के बारे लिखा गया।
- बलराज शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, बीबीएमबी कुरुक्षेत्र
वर्जन-
इस संदर्भ में जांच कराई जाएगी। जो भी नियम है उसका पालन किया जाएगा। लोगों की सुरक्षा को लेकर हम चिंतित हैं। सुरक्षा के लिए जो समाधान निकल सकता है वो निकालेंगे।
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- अनीश यादव, उपायुक्त करनाल
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