करनाल। वाहन चालकों ने ऑनलाइन चालानिंग में खुद को बदलने के बजाय चालान से बचने का रास्ता निकाल लिया है। कोई अपने वाहन की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को मोड़कर अंक छिपा रहा है तो किसी ने चार में से किसी एक अंक पर काली टेप लगाई है। शहर की सड़कों से गुजरता हर 15वां वाहन ऐसे चल रहा है लेकिन चालान से बचने की यह शरारत वाहन के चालक या मालिक को जेल भी पहुंचा सकती है, क्योंकि ऐसा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
नवंबर 2024 से लेकर नवंबर 2025 तक हुए चालान के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस एक वर्ष में पुलिस ने बिना नंबर प्लेट या अंक छिपाकर चलने वाले 6419 वाहनों पर शिकंजा कसते हुए चालान किया है। वहीं इसी समय के अंतराल में पुलिस ने ओवरऑल करीब 4 लाख वाहनों के चालान किए हैं, जिसमें से ज्यादातर ऑनलाइन हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेजपाल का कहना है कि नंबर प्लेट छिपाकर चलने वाले वाहन से यदि कोई हादसा हो जाए तो इसकी पहचान नहीं हो पाती। इसके अलावा यदि ऐसे वाहन का चालक कोई वारदात कर दे तो उसकी पहचान नहीं हो पाती।
अमर उजाला से बातचीत में ऐसे वाहन चालकों ने बताया कि उन्होंने चालान से बचने के लिए यह रास्ता अपनाया। हालांकि यह गलत है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाना न केवल दंडनीय है बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर है क्योंकि ऐसे वाहनों का उपयोग अक्सर आपराधिक गतिविधियों में किया जाता है। इसलिए लोग ऐसा न करें।
जनवरी से बढ़ी सख्ती, सितंबर में सर्वाधिक चालान
बिना नंबर प्लेट के सबसे ज्यादा 889 चालान सितंबर 2025 में हुए और इससे पहले मई माह में 815 चालान काटे गए। जनवरी 2025 में बढ़ते सड़क हादसों और आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने ऐसे वाहनों पर सख्ती की। वहीं ओवरऑल स्थिति देखें तो फरवरी 2025 के बाद से कुल चालानों की संख्या में भारी उछाल आया है। 18000 से सीधे 39000 के पार मासिक चालान का आंकड़ा पहुंचा है। जो पुलिस की सख्त निगरानी या किसी विशेष अभियान की ओर इशारा करता है।
500 से 10 हजार रुपये तक का चालान
हरियाणा में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) न होने पर 500 से 10 हजार रुपये तक चालान हो सकता है। पहला चालान 500 रुपये का होता है। 1000 से ज्यादा राशि का चालान सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की श्रेणी में होता है। प्रदेश में 01 अप्रैल 2019 से पहले के सभी वाहनों के लिए एचएसआरपी अनिवार्य है। इसके अलावा नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की स्थिति में पुलिस वाहन भी जब्त कर सकती है।
हादसे के बाद नहीं होती ऐसे वाहनों की पहचान
शिक्षक सत्येंद्र तिवारी, दीपक वर्मा, सुरेश दुग्गल और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेजपाल का कहना है कि नंबर प्लेट छिपाकर चलने वाले वाहन से यदि कोई हादसा हो जाए तो इसकी पहचान भी नहीं हो पाती। इसके अलावा यदि ऐसे वाहन का चालक कोई वारदात कर दे तो उसकी पहचान नहीं हो पाती। चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मियों को ऐसे वाहन चालकों को तुरंत रोकना चाहिए।
बिना नंबर प्लेट के हुए चालान
महीना
बिना नंबर प्लेट वाहन के चालान
कुल
नवंबर 2024
181
11993
दिसंबर
150
13834
जनवरी 2025
491
18464
फरवरी
481
39308
मार्च
300
42543
अप्रैल
136
36659
मई
815
39235
जून
757
38523
जुलाई
762
36602
अगस्त
748
38201
सितंबर
889
37052
अक्तूबर
413
38181
नवंबर
296
34752
कुल
6419
400347
वर्जन
पुलिस ने सड़क सुरक्षा के लिहाज से काफी सख्ती की है। इसलिए सड़क हादसों की संख्या में भी कमी आई है। अब भी कुछ वाहन चालक नंबर प्लेट के अंक ढककर चल रहे हैं। इन पर शिकंजा कसा जाएगा।
- नरेंद्र बिजारणिया, एसपी करनाल
टूटी हुई बाइक की नंबर प्लेट संवाद