-सुर सागर कला मंच करनाल की ओर से आयोजित की गई 14वीं कारवां-ए-मौसिकी
करनाल। सुर सागर कला मंच करनाल की ओर से आयोजित की गई संगीत संध्या 14वीं कारवां-ए-मौसिकी में गायकों ने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। देर रात तक संगीत के साथ गीतों का सिलसिला चलता रहा। रविंद्र ढुल के गीत अरे दीवानों, मुझे पहचानों, मैं हूं डॉन पर युवा थिरकने लगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव इरम हसन ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूनम गोयल रही। इस संगीतमय शाम की खासियत ये रही कि कलाकारों को किसी भी विधा के गीत प्रस्तुत करने की आजादी थी। शास्त्रीय संगीत से लेकर आधुनिक धुनों तक प्रस्तुतियां दी गईं। उद्योगपति रविंद्र ढुल ने गीत गाया- अरे दीवानों, मुझे पहचानों, मैं हूं डॉन...। डॉ. संकेत सिंहा ने पत्नी से प्रेम जताया-तूं मैके मत जइयो, मत जइयो मेरी जान। पंकज भारती ने युवा दिलों को रिझाया-सारा जमाना हसीनों का दीवाना...। गुरमीत कपूर ने परदा है परदा और जितेंद्र गर्ग ने चांद छुपा और तारे डूबे गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया। इसके अलावा प्रदीप भारती, प्रीति भारती, रेनु गुप्ता, राकेश पटनी, संतोख कौर, वंशिका मदान, सीमा हंस, विनोद भास्कर, हरीश कौशिक, मुल्तान, डीडी शर्मा, विनोद शर्मा, आदित्य गुप्ता, श्वेता, कमलजीत, राजीव सुनेजा, रणवीर अरोड़ा व ओपी पुरी ने गीत गाए।
सुर सागर कला मंच के संस्थापक जितेंद्र गर्ग ने शामिल हुए मुख्य अतिथि व संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगीतमय शाम ने साबित कर दिया कि संगीत दिलों को जोड़ने का माध्यम है और इस तरह के कार्यक्रम सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा देते हैं। बाद में अतिथियों को सम्मानित किया गया।