संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में मंगलवार को टीमों ने 18,677 घरों में मच्छर के लार्वा की जांच की। इनमें से 218 घरों में लार्वा मिले और 56 मकान मालिकों को नोटिस थमाया गया। वहीं 220 संदिग्ध मरीजों की जांच में आठ डेंगू पॉजिटिव सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू का लार्वा मिलने पर संबंधित जगहों पर फॉगिंग एवं एंटी लार्वा गतिविधियां करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
उप-सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 11,98,032 घरों को कवर कर लिया है। जिनमें से अभी तक 8144 घरों में लार्वा मिल चुके हैं और टीमों ने 4222 मकान मालिकों को नोटिस थमाया है। वहीं जिले में बुखार से पीड़ित 8166 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है। जिनमें से जिले में अब तक 266 डेंगू के केस आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिले में सर्वे के दौरान टीमों को मिल रहे बुखार से पीड़ित मरीजों के ब्लड स्लाइड बनाई जा रही है। अब सर्दी का मौसम धीरे-धीरे दस्तक दे रहा है। उसके बावजूद अधिकतर लोग एसी व पानी डालकर कूलर चला रहे हैं जबकि यह समय एसी व कूलर का नहीं है। इससे मौसमी बीमारी के साथ-साथ डेंगू को स्वयं न्योता दे रहे हैं। अब लोगों को पूरी बाजू की कमीज व फूल पेंट पहनकर सोना चाहिए। जिससे मच्छरों से बचाव किया जा सकें।
डेंगू के लक्षण
बायोलॉजिस्ट पिंकी ने बताया कि डेंगू बीमारी की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है। आंखें लाल हो जाती हैं। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है। उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप सामान्य होने लगता है। बुखार के साथ ही साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है। बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। स्वयं से कोई दवा लेकर सेवन न करें। जनवरी में एक, फरवरी में एक, मार्च में शून्य, अप्रैल में एक, मई में एक, जून में दो, जुलाई में चार, अगस्त में 11, सितंबर में 44 और अक्तूबर में 201 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं।